नई दिल्ली। कांग्रेस ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान पर घेरा, जिसमें उन्होंने मतपत्रों से चुनाव कराने का परामर्श दिया। कांग्रेस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने मित्र ट्रंप की बात मान लेनी चाहिए। जिसमें उन्होंने कहा है कि भारत की चुनावी प्रक्रिया के अखंडता पर पूरे देश की चिंताओं को दूर करने के लिए मतदान के लिए मशीनों के बजाय कागज के मतपत्रों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
पारदर्शिता से भाग रही सरकार: केसी वेणुगोपाल
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने आश्चर्य जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी पूरी दुनिया में कह रहे हैं कि ईवीएम मशीन फुलपूफ्र है, और वह बार-बार मत पत्रों से चुनाव कराने को लेकर आने असमर्थता जता रहे हैं। असल में मोदी सरकार पारदर्शिता से भाग रही है। वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करके पूछा कि क्या प्रधानमंत्री अपने सबसे अच्छे मित्र ट्रंप के मत पत्रों और उसी दिन मतदान के संदेश पर ध्यान देंगे, और यह हमारी चुनावी प्रक्रिया के अखंडता के बारे में पूरे देश की चिंताओं का समाधान करेगा। वेणुगोपाल ने कहा कि उन्होंने राज्यपालों की बैठक में ट्रंप की टिप्पणी का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें यकीन है, सबसे अच्छे दोस्त भी महाराष्ट्र में लाखों मतदाताओं की आसमान वृद्धि या विपक्षी वोटो को सर्जिकल तरीके से हटाने से आश्चर्यचकित होंगे।
इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के नतीजे संदिग्ध’
उन्होंने कहा कि बैठक में ट्रंप ने राज्यपालों से मतपत्र और उसी दिन मतदान करने का आग्रह करते सुना गया उन्होंने कहा कि ट्रंप ने कहा मशीन महंगी हैं। वेणुगोपाल ने कहा कि भाजपा की ऐसी अनिवार्यता जो पूरी दुनिया के सामने स्पष्ट है, चुनावी प्रणाली में गंभीर रूप से हेरफेर का सबब है, और पारदर्शिता से भागने का उनका रवैया उनके कदाचार के बारे में कांग्रेस के संदेह की पुष्टि कर रहा है। कांग्रेस काफी समय से मतदान के मतपत्र प्रणाली की वापसी की मांग कर रही है, और लगातार कह रही है कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के नतीजे संदिग्ध है। जबकि चुनाव आयोग कह रहा है कि कोई भी ईवीएम में कुछ गड़बड़ी साबित नहीं कर पाया है, और वह बार-बार इसको चुनौती दे रहा है। वहीं सरकार ने संसद में भी बार-बार कहा है कि उसका कागज मतपत्रों की प्रणाली की और वापस लौटने का कोई भी प्लान नहीं है।





