नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में एक मासूम बच्ची की तस्वीर—जिसमें वह सड़क किनारे कचरे के ढेर से खाना तलाशती नज़र आ रही है—ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। यह तस्वीर सामने आते ही कांग्रेस ने सरकार पर सीधा हमला बोला और इसे प्रदेश की प्रशासनिक व सामाजिक विफलता का प्रतीक बताया। पार्टी का कहना है कि यह दृश्य सिर्फ एक बच्ची की भूख नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश में व्याप्त गरीबी और कुपोषण की गंभीर स्थिति को उजागर करता है। कांग्रेस ने तंज कसा कि जिस विदिशा जिले से पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सांसद रहे हैं, वहां ऐसी स्थिति चिंताजनक और शर्मनाक है।
कांग्रेस नेताओं ने दो दिन पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा मिड-डे मील को लेकर उठाए गए मुद्दे का भी हवाला दिया, जिसमें कथित तौर पर कागज पर भोजन परोसे जाने की बात सामने आई थी। पार्टी ने इसे सरकारी व्यवस्था की लापरवाही और संवेदनहीनता का प्रमाण बताया।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि यह तस्वीर प्रदेश की सच्चाई को उजागर करती है—जहां विकास के दावे आसमान छू रहे हैं, वहीं जमीन पर एक बच्ची कचरे में रोटी ढूंढने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि यह दृश्य विदिशा का है, जो शिवराज सिंह चौहान का संसदीय क्षेत्र रहा है। सिंघार ने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा, “यह तस्वीर आपके सुशासन की असलियत दिखाती है। विकास के भाषणों के पीछे भूख अभी भी मौजूद है, और सिस्टम की खामियों ने एक मासूम को कचरे के ढेर तक पहुंचा दिया है।”
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने भी मुख्यमंत्री से राज्य की जमीनी हकीकत पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि “यह तस्वीर सिर्फ एक बच्ची की भूख नहीं, बल्कि विकास के दावों और वास्तविकता के बीच की खाई को स्पष्ट करती है। जनता सब देख रही है।”





