मुंबई। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष हरीश पवार बताते हैं कि जो चुनाव के नतीजे आए हैं वह कांग्रेस को हताश करने वाले जरूर है लेकिन हिम्मत हारने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का कार्यकर्ता कभी घबराता नहीं है, वह लड़ता है और जीतता है। चुनाव में हार और जीत दोनों ही होती है। हम जनादेश को विनम्रता से स्वीकारते हुए जनता के हित की लड़ाई लड़ते रहेंगे और लोकसभा में मजबूत होंगे। उन्होंने कहा राजस्थान और छत्तीसगढ़ दोनों ही राज्यों में 2% से ज्यादा का फर्क नहीं है और वही मध्य प्रदेश में जो फर्क हमको दिख रहा है वह पैसों का प्रभाव है| भारतीय जनता पार्टी पैसों के बल पर चुनाव लड़ी थी। साथ ही बड़े मीडिया हाउस पूरी परिस्थिति बीजेपी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश करते रहे। वहीं चारों राज्यों में 10 से 11 लाख वोट कांग्रेस को ही ज्यादा मिले हैं। सारे परिणाम देखते हुए भी लोगों का कांग्रेस के साथ जन समर्थन रहा है। भाजपा ने चाहे धनबल का प्रयोग हो, मीडिया हो, सीबीआई हो या नेताओं को दबाने की कोशिश हो| सबसे अच्छी बात है कि जो भाजपा हमेशा हिंदू मुस्लिम के मुद्दे पर रही है वह आज जनता के बारे में सोच रही है और यह कांग्रेस पार्टी की सबसे बड़ी जीत है कि उन्होंने भाजपा को जनता के बारे में सोचने में मजबूर किया|
राज्यों के चुनाव में केंद्र ने जबरदस्त तरीके से बांटी रेवड़ी
हरीश पवार ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार ने देश के नौजवान, किसान, महिला वर्ग और देश की जनता के साथ धोखा किया है नरेंद्र मोदी झूठ बोलने में माहिर वह पहले बोलते हैं और उसके बाद खुद ही भूल जाते हैं। कुछ समय पहले नरेंद्र मोदी ने देश के आमजन को मदद को रेवड़ी कल्चर कह कर विरोध किया था और उसके बाद खुद ही रेबड़ी बांटना शुरू कर चुनाव में आए। पहले दिन से ही इन्होंने झूठ बोला है, जिस बात का विरोध करते है बाद में वही बात से सहमत भी हो जाते हैं। जैसे कि आधार, मनरेगा आदि पर अब जनता जानती है की उनकी ऐसी बातों का कोई महत्व नहीं रह गया है|
हमनें चिंतन, मंथन करना शुरू कर दिया है
हम लगातार बैठकें कर रहे हैं, हमारे नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में स्थित जरूर सुधरेगी। अभी तक जहां भी हमसे गलती हुई है, उससे हम सीखेंगे और आने वाले लोकसभा चुनाव में उन गलतियों को ना दोहराएं यह कोशिश करेंगे। क्योंकि देश में 2014 में बाद से लगातार महंगाई बढ़ी, सरकारी संस्थाओं का निजीकरण हुआ, बेरोजगारी बढ़ने से हमारा युवा निराश है। यह सभी मुद्दे देश समझ रहा है।





