नई दिल्ली। कांग्रेस के उत्तराखंड प्रदेश के अध्यक्ष करन माहरा ने बीजेपी को खुली चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि मेरी खुली चुनौती है! यदि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी में जरा सा भी नैतिक बल है तो अपने मंत्रियों, विधायकों पर कार्रवाई करके दिखाएं, आपको खुले मंच पर बहस की चुनौती देता हूं, आइए नैतिकता पर बात करेंगे, कानून व्यवस्था पर बात करेंगे, रामलला पर भी बात करेंगे, यदि है पुष्कर सिंह धामी आपमें नैतिक बल या आपके प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भाट में नैतिक बल, तो करिए, अपने मंत्रियों पर कार्रवाई और कराइए अंकिता भंडारी हत्याकांड की निष्पक्ष जांच।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सार्वजनिक मंचों से कांग्रेस के नैतिक बल में कमी होने की बात करते हुए दिखाई दे रहे हैं यदि मुख्यमंत्री में स्वयं में नैतिक बल है तो अंकिता भंडारी के पिता ने जिलाधिकारी पौड़ी को पत्र लिखकर जो गंभीर आरोप लगाए हैं उनकी व्यापक उच्च स्तरीय न्यायिक जांच करवाने का साहस दिखाएं।
वर्तमान में अंकिता भंडारी के परिजनों ने उसकी हत्या के सवा साल बाद यदि भाजपा के संगठन महामंत्री पर वीआईपी होने का आरोप लगाया है तो उनके पास उसके जरूर कोई पुष्ट आधार होंगे, जिन आधारों की जांच होनी चाहिए महामंत्री संगठनों के मामले में वैसे भी भाजपा का ट्रैक रिकॉर्ड खराब ही रहा है। उत्तराखंड बीजेपी में संगठन महामंत्री का पद किसी बाहरी व्यक्ति को दिया जाता है जो उत्तराखंड की बहन बेटियों की अस्मिता और स्वाभिमान के साथ खिलवाड़ करने में जरा भी नहीं हिचकता।
14 जनवरी 2024 को एक ओर जहां कांग्रेस के नेता राहुल गांधी मणिपुर से भारत जोड़ो न्याय यात्रा का शुभारंभ करेंगे वही उत्तराखंड कांग्रेस 14 जनवरी से लेकर 16 जनवरी तक तीन दिन ब्लॉक और बूथ स्तर पर अंकिता भंडारी न्याय यात्रा का आयोजन करेगी।
उत्तराखंड का समाज स्वाभिमानी समाज है और हमारे लिए हमारी बहन बेटियों की अस्मिता सर्वोपरि है, ऐसे में यदि आरएसएस से जुड़ा हुआ बड़ा नाम वीआईपी के रूप में सामने आया है तो राज्य सरकार का यह नैतिक दायित्व है कि वह इसकी व्यापक जांच करके जनता के सामने दूध का दूध और पानी का पानी करें।





