ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर के लगभग 18 माह से कतर की जेल में बंद 8 पूर्व भारतीय सैनिकों के परिवारजनों के लिए बड़ी खुशखबरी कि खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि कतर द्वारा अब उन सभी को भारत वापस भेजने का निर्णय लिया गया है जिसमें 8 में से 7 भारतीयों को वापस भेज दिया गया है। और जो व्यक्ति अब तक भारत नहीं आ पाए हैं उन्हें भी जल्दी भेज दिया जाएगा। कतर जेल में बंद रहे इन भारतीय पूर्व सैनिकों मे से एक पूर्व कमांडेंट पूर्णेन्दु तिवारी का ग्वालियर से गहरा नाता है। बता दें पूर्व कमांडेंट पूर्णेन्दु तिवारी कि बहन डॉ मीतू भार्गव ग्वालियर में ही रहती हैं। जिन्होंने अपने भाई की रिहाई पर न सिर्फ खुशी जाहिर की बल्कि इस मुहिम के लिए भारत सरकार कि प्रशंसा करते हुए शुक्रिया अदा किया।

डॉ मीतू भार्गव ने कहा कि मुझे रात में ही खबर मिली की कतर द्वारा उनके भाई पूर्व कमांडेंट पूर्णेन्दु तिवारी सहित 8 लोगों को सजा से रिहा कर दिया गया है इसके साथ ही बड़ी खुशी की बात यह थी कि 7 लोगों को सकुशल वापस भारत भी लौट चुके हैं लेकिन उनके भाई अब तक भारत वापस नहीं आए हैं उन्होंने बताया कि अभी उन पर ट्रैवल वैन की वजह से वह भारत नहीं लौट पाए हैं लेकिन वह भी जल्दी ही भारत वापस आ जाएंगे। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा इस मुहिम के लिए वह प्रधानमंत्री सहित सभी को धन्यवाद देती हूं। पूर्व कमांडेंट पूर्णेन्दु तिवारी की बहन डॉ भार्गव ने कहा कि अभी हमारी खुशी कुछ अधूरी है। क्योंकि अभी मेरे भाई पूर्णेन्दु तिवारी नहीं आ पाए हैं। लेकिन कतर के इस निर्णय का हम तहे दिल से स्वागत करते हैं। और कतर के अमीर का भी शुक्रिया करते हैं। उन्होंने बताया कि मेरी मेरे भाई से भी बात हुई है। वे कतर में अपने घर पर पहुंच गए हैं। और दिखने में भी अच्छे लग रहे हैं। उन्हें इस स्थिति में देख कर बहुत खुशी हो रही है। जो शब्दों में बयां नहीं की जा सकती है।





