नई दिल्ली। अमेरिका के बाल्टीमोर में फ्रांसिस स्कॉट पुल के ढहने की गूंज पूरे भारतीय कोयला और पेटकोक बाजारों में सुनाई दे रही है। इससे आपूर्ति शृंखला में व्यवधान और मूल्यों पर असर पड़ने की चिंता पैदा हो गई है। एसएंडपी ग्लोबल कमोडिटी इनसाइट्स के अनुसार, एक जहाज की टक्कर से कोयला निर्यात के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बाल्टीमोर हार्बर के माध्यम से परिचालन स्थगित हो गया है।
अमेरिकी थर्मल कोयले का एक प्रमुख आयातक भारत पुल ढहने के बाद अपनी आपूर्ति शृंखला में चुनौतियों का सामना कर रहा है। अमेरिका स्थित एक व्यापारी के अनुसार, इस घटना से आर्क कोल के शिपमेंट के प्रतिबंधित होने और भारतीय आयातकों के लिए रसद बाधाएं पैदा होने की उम्मीद है।
एक ब्रोकर ने एसएंडपी को बताया, “यह घटना आर्क कोल से एनएपीपी शिपमेंट को प्रतिबंधित करेगी और भारत के लिए आपूर्ति शृंखला में कई समस्याएं पैदा करेगी। यूरोप में थर्मल कोयले पर इसका असर पड़ेगा। भारत पर इसका बड़ा प्रभाव पड़ेगा। पेटकोक की कीमतों में उछाल देखकर ऐसा लग रहा है।
हालांकि, भारतीय बाजार के कारोबारियों की मूल्य निर्धारण पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में मिश्रित राय है। एक भारतीय व्यापारी ने कहा अधिकारियों को यह आकलन करने में 6-7 दिन लगेंगे कि घटना से कितना मलबा है और कितना ड्राफ्ट जमा है। क्योंकि अगर ड्राफ्ट कम है तो यह समस्या हो सकती है। अधिकारियों को मलबा हटाने में 10-15 दिन लग सकते हैं, इसलिए इसका मतलब है कि इस अवधि के दौरान जहाजों की आवाजाही नहीं होगी। बाल्टीमोर बंदरगाह, अमेरिकी थर्मल कोयला निर्यात के लिए एक प्रमुख लोडिंग स्थान है। यह भारत की ऊर्जा मांगों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।





