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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बोले-एक राष्ट्र, एक चुनाव से देश मजबूत होगा

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नई दिल्ली। भाजपा प्रत्याशी डॉ राजेश मिश्रा के पक्ष में मतदान करने की अपील करते हेतु सिंगरौली के रामलीला मैदान में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा की हमारी पार्टी का मानना है कि बार-बार चुनाव का होना आजाद भारत के लिए ठीक नहीं है यह सिलसिला बंद होना चाहिए। एक देश एक चुनाव होना चाहिए लोकसभा के साथ-साथ विधानसभा, जिला पंचायत, जनपद पंचायत एवं पंचायत का चुनाव होना चाहिए क्योंकि बार-बार चुनाव होने से देश के पैसों की बर्बादी होती है।प्रधानमंत्री ने एक कमेटी का गठन किया है जिसके अध्यक्ष पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को बनाया था और उन्होंने अपनी रिपोर्ट भी दे दिया भारत का लोकतंत्र मजबूत तभी होगा जब जागरूक जनता अपने मतों का प्रयोग करेगी।

राजनाथ ने कहा जनता का खरीद फरोख्त बंद होगा, तालिया को सुनकर ऐसा लगता है कि सारा देश वन नेशन वन इलेक्शन चाहता है। 2003 से भारतीय जनता पार्टी की सरकार मध्य प्रदेश में है शिवराज सिंह पूर्व सीएम की पारी काबिले तारीफ रही वहीं अब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी बधाई के पात्र हैं और मध्य प्रदेश को बीमारू राज्य से हटकर विकसित राज्य के रूप में मध्य प्रदेश को बीजेपी ने दर्जा दिलाया है।

वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा चुनावी घोषणा पत्र बीजेपी का पढ़ लेना भारतीय जनता पार्टी जो कहती है वह करती है लोग कहते थे राम लला कब आएंगे और मंदिर कब बनेंगे लेकिन हमने बता दिया कि राम लला को झोपड़ी से निकल महल में बिठा दिया। भारतीय जनता पार्टी ने 370 खत्म कर दिया, नागरिकता कानून बनाया परंतु विरोधी और कांग्रेसीयो ने लोगों को गुमराह करने का काम किया हैं। आज भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस है यह पार्टी जाति, पंथ, मजहब के आधार पर भेदभाव नहीं करती बल्कि कांग्रेस के लोग नफरत की राजनीति करते हैं।

नागरिकता कानून मुसलमान भाइयों के लिए हितकर है सभी को पता होगा कि आज देश में सभी गरीबों के देश में पक्के मकान बन चुके हैं और जिनके मकान नहीं बने हैं उनके जल्दी मकान बन जाएंगे, देश में कोई ऐसा घर नहीं होगा जहां नल के माध्यम से गरीबों को पानी ना मिले और वही राजनाथ सिंह ने कहा कि मैं किसान परिवार से हूं भारतीय जनता पार्टी किसानों के दर्द को समझती है “सवा लाख करोड़ रूपया” सारे देश में पार्टी खर्च करेगी और भंडारण बनाकर किसानों के अनाजों को वहां रखेगी जब किसानों के अनाजों की कीमत बढ़ जाएगी तो किसान अपने अनाज को भंडारण से निकाल कर महज दामों में बेच सकेंगे ।

गरीबों के हर मुसीबत से बचाना बीजेपी की गारंटी है
भारतीय जनता पार्टी ने गरीबों को मालिकाना हक़ दिलाया है वहीं गरीबों के हर मुसीबत से बचाना बीजेपी की गारंटी है , संकट और भ्रष्टाचार से निजात दिलाना एवं देश के उत्थान में काम करना बीजेपी का पहला कार्य होगा।

राजनाथ ने कहा कि कांग्रेस के मंत्रियों को सत्ता में रहते हुए भी कई बार जेल जाना पड़ा भ्रष्टाचार का आरोप लगा लेकिन बीजेपी पर कोई भ्रष्टाचार आज तक सिद्ध नहीं हुआ है वही रक्षा मंत्री ने कहा की राजीव गांधी जब पीएम थे तो उनकी मनसा थी कि गरीबों का कल्याण हो उनके खाते में पूरा पैसा जाए परंतु केंद्र से जो भी पैसा भेजा जाता था उसका 86 प्रतिशत ऊपर वाली ही का जाया करते थे। राजनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री व्यक्ति नहीं होता वह संस्था होता है मैं व्यक्तिगत तौर पर राजीव गांधी के ऊपर कोई आरोप नहीं लगाऊंगा लेकिन राजीव गांधी के मनसा कभी पूरी नहीं हुई । भारतीय जनता पार्टी के जमाने में जन धन योजना ,मोबाइल ,आधार को लिंक कर बीजेपी ने वह काम कर दिया कि ₹100 केंद्र से चलता है तो गरीबों के खाते में ₹100 भी आता है।

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चंचल गोयल, अभिभावक, ग्वालियर, एमपी

मैंने अपने 15 साल के शिक्षा के क्षेत्र में अनुभव के आधार पर देखा है कि प्राइमरी टीचर्स की बॉन्डिंग बच्चों के साथ बहुत अच्छी होती है।  यह उम्र के बच्चे अपने टीचर्स को फॉलो करते हैं और पेरेंट्स से भी लड़ जाते हैं। इसलिए, स्कूल और टीचर्स पर बड़ी जिम्मेदारी होती है कि वे बच्चों को खुश रखें।

अगर बच्चा अच्छा परफॉर्म करने लगे, तो पेरेंट्स उसे अपना हक मान लेते हैं। पेरेंट्स को विश्वास करना चाहिए कि जिस स्कूल में उन्होंने दाखिला कराया है, वह बच्चों के लिए सही है। लेकिन अपने बच्चों का रिजल्ट किसी और के बच्चे से कंपेयर नहीं करना चाहिए। आजकल के पेरेंट्स समझदार हैं और जानते हैं कि बच्चों को कैसी शिक्षा देनी है। किसी भी समस्या के लिए वे सीधे टीचर से बात कर सकते हैं, जिससे समस्या का समाधान जल्दी हो सके।

प्रियंका जैसवानी चौहान, हेड मिस्ट्रेस, बिलाबोंग हाई इंटरनेशनल स्कूल, ग्वालियर, एमपी

जुलाई का सत्र बच्चों के लिए महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यह सबसे बड़ा वेकेशन होता है।  पेरेंट्स को बच्चों की लास्ट सेशन की पढ़ाई का रिवीजन कराना चाहिए ताकि वे आउट ऑफ रेंज न हो जाएं। शुरुआती अध्याय बच्चों की रुचि को बनाए रखने में महत्वपूर्ण होते हैं।

आगे वे कहते हैं कि प्रेशर का नेगेटिव और पॉजिटिव दोनों प्रभाव होते हैं। आज की युवा पीढ़ी में 99% लोग बिजनेस और स्टार्टअप्स शुरू कर रहे हैं। पढ़ाई को लेकर बच्चों पर दबाव डालना गलत है, लेकिन भविष्य के लिए यह लाभदायक हो सकता है। बच्चों को गैजेट्स का सही उपयोग आना चाहिए, लेकिन उन पर पूर्णतः निर्भर होना गलत है।

तुषार गोयल, एचओडी इंग्लिश, बोस्टन पब्लिक स्कूल, आगरा, यूपी

वेकेशंस के दौरान बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह नहीं हटानी चाहिए। स्कूल द्वारा दिए गए प्रोजेक्ट्स को धीरे-धीरे  करने से पढ़ाई का दबाव नहीं बनता। जब पढ़ाई फिर से शुरू होती है, तो बच्चों को अधिक दबाव महसूस नहीं होता। आजकल स्कूल बहुत मॉडर्नाइज हो गए हैं जिससे बच्चों को हेल्दी एटमॉस्फियर और खेल-खेल में सीखने को मिलता है।

एडमिनिस्ट्रेशन को बुक्स का टाइम टेबल सही तरीके से बनाना चाहिए ताकि बच्चों पर वजन कम पड़े। स्कूल में योग और एक्सरसाइज जैसी गतिविधियाँ भी शुरू होनी चाहिए ताकि बच्चे फिट रहें और उन्हें बैक प्रेशर न हो। टीचर और पेरेंट्स के बीच का कम्यूनिटेशन गैप काम होना चाहिए। बच्चों का एडमिशन ऐसे स्कूल में करें जिसका रिजल्ट अच्छा हो, भले ही उसका नाम बड़ा न हो।

डॉ. नेहा घोडके, अभिभावक, ग्वालियर, एम

बच्चों को पढ़ाई की शुरुआत खेलते-कूदते करनी चाहिए ताकि उन्हें बोझ महसूस न हो। पेरेंट्स की अपेक्षाएं आजकल बहुत बढ़ गई हैं,  लेकिन हर बच्चा समान नहीं होता। बच्चों को अत्यधिक दबाव में न डालें, ताकि वे कोई गलत कदम न उठाएं। वे आगे कहती हैं कि आजकल बच्चे दिनभर फोन का उपयोग करते रहते हैं, और पेरेंट्स उन्हें फोन देकर उनसे छुटकारा पाना चाहते हैं। पेरेंट्स को बच्चों पर ध्यान देना चाहिए और उन्हें कम से कम समय के लिए फोन देना चाहिए।

दीपा रामकर, टीचर, माउंट वर्ड स्कूल, ग्वालियर, एमपी

हमारे स्कूल में पारदर्शिता पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। आजकल के समय में पेरेंट्स अपने काम में व्यस्त रहते हैं और बच्चों की पढ़ाई पर समय कम दे पाते हैं। स्कूल द्वारा टेक्नोलॉजी की मदद से बच्चों का होमवर्क पेरेंट्स तक पहुँचाया जाता है ताकि वे बच्चों पर ध्यान दे सकें।

पेरेंट्स को बच्चों को गैजेट्स देते वक्त ध्यान रखना चाहिए की वह उसका कितना इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्हें मोबाइल का कम से कम उपयोग करने देना चाहिए। अगर आप अपने बच्चों के सामने बुक रीड करेंगे तो बच्चा भी बुक रीड करने के लिए प्रेरित होगा।

दीक्षा अग्रवाल, टीचर, श्री राम सेंटेनियल स्कूल, आगरा, यूपी

वर्तमान समय में बच्चों को पढ़ाने की तकनीक में बदलाव आया है, आजकल थ्योरी से ज्यादा प्रैक्टिकल बेस्ड लर्निंग पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। आजकल पेरेंट्स भी पहले से बेहद अवेयर हैं, क्योंकि अब बच्चों के करियर पॉइंट ऑफ व्यू से कई विकल्प हमारे सामने होते हैं जरूरी है कि पेरेंट्स बच्चों के साथ प्रॉपर कम्युनिकेट करें।

अंकिता राणा, टीजीटी कोऑर्डिनेटर, बलूनी पब्लिक स्कूल, दयालबाग, आगरा, यूपी

वर्तमान समय में बच्चों को पढ़ाने की तकनीक में बदलाव आया है, आजकल थ्योरी से ज्यादा प्रैक्टिकल बेस्ड लर्निंग पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। आजकल पेरेंट्स भी पहले से बेहद अवेयर हैं, क्योंकि अब बच्चों के करियर पॉइंट ऑफ व्यू से कई विकल्प हमारे सामने होते हैं जरूरी है कि पेरेंट्स बच्चों के साथ प्रॉपर कम्युनिकेट करें।