नई दिल्ली। हरियाणा में भाजपा को बड़ा झटका लगा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह के सोमवार को भाजपा छोड़ने के बाद आज उन्होंने कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। उनके साथ उनकी पत्नी प्रेमलता सिंह (Premlata Singh) भी आज कांग्रेस में शामिल हो गई हैं। तकरीबन एक महीने पहले उनके बेटे बृजेंद्र सिंह ने भारतीय जनता पार्टी छोड़ कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। बृजेंद्र सिंह वर्तमान समय में हिसार से सांसद हैं।साल 2019 में बृजेंद्र सिंह ने आईएएस की नौकरी छोड़कर सियासत में कदम रखा था।
सिंह (78) किसान नेता सर छोटू राम के नाना हैं और साल 2014 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली पहली सरकार में केंद्रीय इस्पात मंत्री थे। उनके पास ग्रामीण विकास, पंचायती राज और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग का भी प्रभार था।कांग्रेस में वापसी पर बीरेंद्र सिंह ने कहा कि यह सिर्फ मेरी ‘घर वापसी’ नहीं बल्कि ‘विचार वापसी’ भी है। बीरेंद्र सिंह और प्रेमलता का कांग्रेस में स्वागत करते हुए पार्टी नेता मुकुल वासनिक ने कहा कि उनके (बीरेंद्र सिंह) शामिल होने से यकीन है कि हरियाणा में कांग्रेस मजबूत होगी और राज्य में कांग्रेस की सरकार बनाने में मदद मिलेगी।
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि बीरेंद्र सिंह के दोबारा शामिल होने से, उन्होंने सदियों पुरानी कहावत को सच साबित कर दिया है, ‘पूर्व या पश्चिम, घर सबसे अच्छा है’। वह मेरे बड़े भाई हैं और मैं उनके कांग्रेस में वापस आने से बहुत खुश हूं। हमें एकता का प्रदर्शन कर एक साथ आगे बढ़ने की जरूरत है हुड्डा ने कहा कि हमें एकता का प्रदर्शन करते हुए अपनी ताकत बढ़ाने की जरूरत है और तभी हम लोकतंत्र और संविधान को बचा पाएंगे। वहीं एआईसीसी महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि यह मेरे लिए एक भावनात्मक क्षण है और मैं पार्टी में उनका स्वागत करता हूं।





