भोपाल। लोकसभा चुनाव की 4 जून को होने वाली मतगणना के लिए कांग्रेस ने मार्गदर्शिका तैयार कर सभी प्रत्याशियों को भेजी है। इसमें उनसे कहा गया है कि पीठासीन अधिकारी द्वारा मतदान के बाद जो प्रपत्र दिया गया है, उससे वोटों की गिनती का मिलान करें। यदि मिलान न हो तो लिखित आपत्ति करें और समाधान होने तक मतगणना को रुकवाएं। प्रत्येक चक्र की गणना से संतुष्ट होने के बाद ही आगे बढ़ें।
मतगणना पर नजर रखने के लिए प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है। यहां पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी समेत वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे। प्रदेश कांग्रेस के चुनाव आयोग से संबंधित कार्यों के प्रभारी जेपी धनोपिया ने मतगणना के लिए मार्गदर्शिका तैयार करके सभी प्रत्याशियों को भिजवाई है।इसमें यह बताया गया है कि मतगणना के दौरान प्रत्याशियों और अभिकर्ताओं को किन-किन बातों का ध्यान रखना है। फार्म 17 सी से मतों का मिलान करने से लेकर डाक मतपत्रों की गिनती पर विशेष ध्यान रखने के लिए कहा गया है।
मतगणना अभिकर्ता जब तक मतों की गिनती का काम पूरा न हो जाए, तब तक अपना स्थान न छोड़ें। कोई भी गड़बड़ी नजर आती है तो तत्काल लिखित में आपत्ति दर्ज कराकर पावती लें। कंट्रोल यूनिट पर वोटों की गिनती के लिए कुल के बटन से पुष्टि करें कि वह फार्म 17 सी से मेल खाता है या नहीं।ईवीएम की सुरक्षा सील की जांच करें और सीरियल नंबर का गंभीरता के साथ मिलान करें। प्रत्येक चक्र की गणना के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। इसे सभी सुरक्षित रखें। वीवीपैट की पर्ची की गणना के समय सावधानी रखें और यदि ईवीएम के मतों से मिलान नहीं होता है तो पुनर्मतगणना का आवेदन प्रस्तुत करें।





