नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के परिणामों के बाद राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने भाजपा की रणनीतियों की आलोचना शुरू कर दी है। आरएसएस के सरसंघ चालक मोहन भागवत ने मणिपुर में फैली अशांति का जिक्र किया। इंद्रेश कुमार ने भाजपा को अहंकारी तक कह डाला। आरएसएस के दोनों नेताओं के बयान पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया आई है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि आरएसएस को कोई गंभीरता से नहीं लेता है। उन्होंने अपनी बात को रखने में देरी कर दी है।
आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार के बयान पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि आरएसएस को कौन गंभीरता से लेता है? पीएम मोदी उन्हें गंभीरता से नहीं लेते हैं, तो हम क्यों लें? बोलने का समय था तब बोलते तो हर कोई उन्हें गंभीरता से लेता। उस समय वे (आरएसएस) चुप रहे। उन्होंने भी सत्ता का आनंद लिया।
इंद्रेश कुमार के बयान पर आरजेडी नेता व राज्यसभा सांसद मनोज झा ने कहा कि आरएसएस में भाजपा के निराशाजनक परिणाम के बाद वार ऑफ पोजिशजन वाली परिस्थिति बन गई है। इंद्रेश जी ने विपक्ष को रामद्रोही कहकर संबोधित किया है। भगवान राम के खिलाफ कोई नहीं है। उन्हें समझने में दिक्कत हुई है। हम भगवान राम के उस चरित्र को मानते हैं, जिसको यशगान बापू किया करते थे।





