नई दिल्ली। संविधान की रक्षा के लिए कांग्रेस ने दिल्ली में “संविधान रक्षक अभियान” की शुरुआत की। यह 100 दिवसीय अभियान 26 नवंबर, 2024 तक चलेगा। इसका उद्देश्य गांव स्तर पर संविधान रक्षक समितियों का गठन, हर गांव में दो संविधान रक्षकों का चयन और विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करना है, जिनमें संविधान पर चर्चा होगी। इस अभियान के जरिए कांग्रेस देशभर में यह संदेश देना चाहती है कि वह संविधान को बचाने की लड़ाई लड़ रही है। इस अभियान की शुरुआत के मौके पर कांग्रेस कोषाध्यक्ष अजय माकन, अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष राजेश लिलोठिया और दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव मौजूद थे। माकन ने कहा कि संविधान रक्षक अभियान को पूरे देश में लागू किया जाएगा और अब तक तीन लाख से अधिक संविधान रक्षक इस अभियान से जुड़ चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और उन्होंने स्वयं भी संविधान रक्षक के रूप में नामांकन कराया है। अगले 100 दिनों में यह अभियान दिल्ली की 70 विधानसभाओं तक पहुंचेगा।
माकन ने यह भी कहा कि संविधान के लिए चुनौतियां और खतरे अभी भी बने हुए हैं, और इसे बचाने के लिए हर संभव प्रयास जरूरी है। उन्होंने याद दिलाया कि जब राहुल गांधी चुनावों में संविधान की प्रति दिखाते थे, तो इसका उद्देश्य संविधान की सुरक्षा और लोकतंत्र की रक्षा के प्रति प्रतिबद्धता जताना था। अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष राजेश लिलोठिया ने अभियान के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि संविधान पर मंडराते खतरों को देखते हुए यह अभियान पूरे देश में चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत गांवों में संविधान रक्षक समितियों का गठन किया जाएगा, जिनमें से प्रत्येक गांव से दो संविधान रक्षक चुने जाएंगे, जिन्हें मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा। गांव स्तर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में संविधान पर चर्चा की जाएगी। इस अभियान का समापन 26 नवंबर, 2024 को तालकटोरा स्टेडियम में होगा, जो संविधान को अपनाए जाने के 75 साल पूरे होने का भी अवसर होगा। दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि मौजूदा माहौल में संविधान की रक्षा के लिए सभी को आगे आना आवश्यक है, क्योंकि हाल के दिनों में संविधान पर कई हमले हुए हैं, जिससे लोगों को उनके अधिकार नहीं मिल पा रहे हैं। कांग्रेस इस अभियान के जरिए पूरे देश में लोगों के साथ हो रहे अन्याय को खत्म करने का प्रयास कर रही है।





