नई दिल्ली।कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने शुकवार को पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से हाल ही में राज्यों को भेजी गई अधिसूचना पर स्पष्टता की मांग की। इस अधिसूचना में बंदी हाथियों के परिवहन के नियमों का जिक्र है। रमेश ने पूछा कि मंत्रालय हर हाथी की जीन प्रोफाइल कैसे बना रहा है और यह डाटा कौन तैयार कर रहा है और किसके पास रखा जा रहा है।
यादव को लिखे पत्र में रमेश ने कहा कि पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 20 अगस्त को हाथी रेंज वाले राज्यों को बंदी हाथी (स्थानांतरण या परिवहन) नियम, 2024 की याद दिलाई। पूर्व पर्यावरण मंत्री पत्र में विशेष रूप से धारा (7) की शर्तों और उपधारा (3) पर फोकस किया, जो यह अनिवार्य करता है कि किसी भी हाथी का स्थानांतरण करने से पहले उसकी जीन प्रोफाइल को पर्यावरण मंत्रालय के इलेक्ट्रॉनिक मॉनिटरिंग एप्लिकेशन में दर्ज करना जरूरी है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह शर्त चार मुद्दे उठाती है, जिन पर सार्वजनिक रूप से स्पष्टता की जरूरत है। रमेश ने पूछा कि पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय प्रत्येक हाथी की जीन प्रोफाइल कैसे बना रहा है। यह डाटा कौन तैयार कर रहा है और इसको कौन प्रबंधित कर रहा है? मंत्रालय बंदी और जंगली हाथियों की सुरक्षा के लिए इस जीन डाटा का किस तरह से इस्तेमाल कर रहा है? उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि हमारे पास जरूरी अनुक्रमण सुविधाओं के साथ प्रयोगशाला का ढांचा है।





