नई दिल्ली। कांग्रेस ने मंगलवार को एक बार फिर सेबी अध्यक्ष माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच पर निशान साधा। मुख्य विपक्षी दल ने बुच दंपती की ओर से दिए गए जवाबों पर कहा कि ये जवाब और भी अधिक सवाल खड़े करते हैं। कांग्रेस ने जोर देकर कहा कि उनके वित्तीय लेन-देन के बारे में जो तथ्य सामने रखे गए हैं, उनका अब तक किसी ने खंडन नहीं किया है।
कांग्रेस की ओर से यह टिप्पणी सीतारमण के उस बयान के एक दिन बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि माधवी बुच और उनके पति धवल बुच अपना बचाव कर रहे हैं और कांग्रेस के आरोपों का खंडन करने वाले तथ्य पेश कर रहे हैं। रमेश ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “वित्त मंत्री ने अंततः सेबी अध्यक्ष के हितों के टकराव के मुद्दे पर केंद्र सरकार की चुप्पी तोड़ी है।” रमेश ने कहा, “उन्होंने (सीतारमण) कहा है कि सेबी अध्यक्ष और बुच ‘हितों के टकराव के आरोपों पर जवाब दे रहे हैं। लेकिन ये जवाब और भी सवाल खड़े करते हैं।”
कांग्रेस नेता ने कहा कि सेबी अध्यक्ष और उनके पति के वित्तीय लेन-देन के बारे में जो तथ्य सामने रखे गए हैं, उनका अब तक किसी ने खंडन नहीं किया है। उन्होंने कहा, “अब सवाल यह है कि क्या वित्त मंत्री और गैर-जैविक प्रधानमंत्री को कम से कम 2022 से ही इन तथ्यों की जानकारी थी। क्या वे वास्तव में सोचते हैं कि ये तथ्य मामूली हैं और किसी भी तरह से पूंजी बाजार नियामक के कामकाज से समझौता नहीं हुआ है?”
रमेश ने पूछा कि क्या अदाणी समूह के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की ओर से निर्देशित सेबी जांच वास्तव में निष्पक्ष रही है? उन्होंने कहा, “इस मामले पर अभी अंतिम सुनवाई नहीं हुई है।”
माधबी बुच प्रकरण पर एक प्रश्न के उत्तर में वित्त मंत्री सीतारमण ने सोमवार को कहा था, “कुछ आरोपों का जवाब दिया जा चुका है… मुझे लगता है कि तथ्यों पर विचार करना होगा।” यह पहली बार था जब सीतारमण ने इस मुद्दे पर बात की थी। यह पूछे जाने पर कि क्या वह माधबी बुच के जवाबों से संतुष्ट हैं, सीतारमण ने कहा, “मैं यहां इसका फैसला करने नहीं आई हूं।”





