नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए राज्य का बजट पेश किया है। सरकार ने 2.94 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया है, जिसमें स्कूली शिक्षा के लिए 29,909 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वहीं स्वास्थ्य सेवा और परिवार कल्याण के लिए 18,421 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। बजट में डिप्टी सीएम पवन कल्याण के विभाग पंचायत राज और ग्रामीण विकास के लिए 16,739 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
राजस्व घाटा 34 हजार करोड़ के पार
आंध्र प्रदेश के वित्त मंत्री पयावुला केशव ने अपना पहला बजट पेश किया। वित्त मंत्री के बजट भाषण के अनुसार, आंध्र प्रदेश सरकार का राजस्व व्यय 2.35 लाख करोड़ रुपये और पूंजीगत व्यय 32 हजार करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। राज्य का राजस्व घाटा करीब 34,743 करोड़ रुपये है, जो राज्य की कुल अर्थव्यवस्था (जीएसडीपी) का 2.12 प्रतिशत है। राजकोषीय घाटा करीब 68 हजार करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। वित्त मंत्री केशव ने कहा कि ‘बजट राज्य की वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए संपत्ति का सृजन करके राज्य को वित्तीय रूप से फिर से खड़ा करने के लिए बनाया गया है। इस बजट का उद्देश्य राज्य के वित्तीय पहियों को फिर से चालू करना है।
वित्त मंत्री ने राज्य की खराब आर्थिक स्थिति के लिए पिछली सरकार पर लगाया आरोप
पिछली वाईएसआरसीपी सरकार पर हमला करते हुए वित्त मंत्री केशव ने कहा कि जब पिछली सरकार सत्ता से बाहर हुई, तब तक राज्य की वित्तीय स्थिति चरमरा चुकी थी। वहीं विपक्षी पार्टी वाईएसआरसीपी ने बजट के विरोध में आज सत्र का बहिष्कार किया।





