नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को मिली बंपर जीत के बाद असम बीजेपी नेता और मंत्री अशोक सिंघल ने एक पोस्ट किया, जिसके बाद विवाद पैदा हो गया। इस पोस्ट में वैसे तो अशोक ने गोभी की खेती की एक फोटो शेयर की थी, लेकिन सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे भागलपुर दंगे में मुस्लिमों के साथ हुए नरसंहार से जोड़ते हुए बीजेपी मंत्री पर जमकर हमला बोला। इसके बाद कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद शशि थरूर ने भी इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी।
असम के कैबिनेट मंत्री अशोक सिंघल चुनावी नतीजों के बीच एक्स पर गोभी की खेती वाली फोटो पोस्ट करते हुए लिखा कि बिहार ने गोभी की खेती की मंजूरी दी। इस पर एक यूजर ने शशि थरूर को भी अपने पोस्ट पर टैग कर दिया। यूजर ने सिंघल के पोस्ट का जवाब देते हुए कहा कि एक कैबिनेट मंत्री, जो चुनावी जीत का जश्न मनाने के लिए 116 मुसलमानों के नरसंहार का महिमामंडन कर रहे हैं, अपना नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने थरूर को टैग करते हुए पूछा कि क्या वरिष्ठ कांग्रेस नेता कुछ प्रभावशाली हिंदू नेताओं से बिहारी मुसलमानों के खिलाफ हुए सबसे बुरे नरसंहारों में से एक के सामान्यीकरण की निंदा करवा सकते हैं।
इसके बाद कांग्रेस सांसद थरूर ने इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए असम के नेता के गोभी फार्मिंग वाले पोस्ट का अप्रत्यक्ष रूप से जवाब दिया। थरूर ने कहा कि वह कोई कम्युनिटी ऑर्गनाइजर नहीं हैं, इसलिए संयुक्त बयान जारी करना उनका काम नहीं है। उन्होंने आगे कहा, “लेकिन समावेशी भारत के एक समर्थक और एक गौरवान्वित (प्राउड) हिंदू होने के नाते, मैं अपनी और अपने जानने वाले ज्यादातर हिंदुओं की ओर से कह सकता हूं कि न तो हमारा धर्म और न ही हमारा राष्ट्रवाद ऐसे नरसंहारों की मांग करता है, उन्हें उचित ठहराता है या उनका समर्थन करता है, और न ही उनकी सराहना करता है।
असम कैबिनेट मिनिस्टर के इस पोस्ट के बाद इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई लोगों ने इसे 1989 में बिहार के भागलपुर में हुए सांप्रदायिक दंगों से जोड़ा है। तब 24 अक्टूबर 1989 को दंगों की शुरुआत हुई थी और इसमें लगभग 250 गांव प्रभावित हुए थे। इसमें हजार से अधिक लोग मारे गए थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, भागलपुर जिले के गोराडीह ब्लॉक के लोगैन गांव में 110 से अधिक मुसलमानों की हत्या कर दी गई और जहां शवों को दफनाया गया था, वहां गोभी के पौधे उगा दिए गए थे। असम कैबिनेट मंत्री के गोभी की खेती को मंजूरी वाले पोस्ट को सोशल मीडिया पर इसी दंगों से कनेक्ट किया जा रहा है।





