नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का बिहार के चुनावी साल में यह तीसरा दौरा राष्ट्रीय जनता दल, लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव के लिए साफ संदेश देने वाला है। राहुल ने कांग्रेस की वापसी का प्लान जैसे बता दिया।
जो अबतक राष्ट्रीय जनता दल के कोर वोटर थे, कांग्रेस उसपर लक्ष्य कर रही है। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने यह बात घुमाकर लेकिन साफ-साफ कह दी है। राहुल गांधी ने बिहार में कांग्रेस पार्टी की भूमिका बताते हुए सोमवार को कहा कि गरीब, कमजोर, ईबीसी, ओबीसी, दलित और सामान्य लोगों को जोड़कर इज्जत देकर आगे बढ़ाना ही कांग्रेस पार्टी का काम है। कांग्रेस को पहले जो काम करना चाहिए था, जिस मजबूती से काम करना चाहिए था। वह हमने नहीं किया। हम अपनी गलती से समझे हैं। और, हम बिना रुके पूरी शक्ति के साथ बिहार के कमजोर और गरीब लोगों को लेकर एकसाथ आगे बढ़ेंगे।
राहुल गांधी ने कहा कि कुछ दिन पहले हमने अपने जिला अध्यक्षों का चुनाव किया। मैं यह नहीं कहूंगा कि यह एक बड़ा कदम है। लेकिन, यह जरूरी कदम है। पहले हमारे जिलाध्यक्षों की लिस्ट में दो तिहाई सवर्ण थे। अब हमारी सूची में पिछड़े और अति पिछड़े वर्ग के लोग हैं। मैंने बिहार की टीम को साफ बता दिया है कि आपका काम बिहार के गरीबों का नेतृत्व करना है। आपको गरीबों, दलितों को आगे बढ़ाना है। हम आपको राजनीति में लाकर बिहार का चेहरा बदलना चाहते हैं। जो आज बिहार में हो रहा। जो एनडीए की सरकार बिहार में कर रही है। चुने हुए अरबपतियों के जरिए राजनीति चल रही है। अंबानी-अदाणी की राजनीति चल रही, उसको हम हराने जा रहे हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि हम जानते हैं कि इस देश को बिहार की जनता डायरेक्शन देती है। जब राजनीतिक बदलाव हुआ, अंग्रेजी के खिलाफ राजनीतिक बदलाव आया, तो बिहार की जनता ने आवाज बुलंद कर यह बदलाव लाया। हम सबसे जरूरी लक्ष्य संविधान की रक्षा करना चाहते हैं। पहले पीएम मोदी 400 पार का नारा देते थे तो इंडिया गठबंधन सामने आया तो रिजल्ट सबके सामने है। आपने लोकसभा चुनाव में संविधान को बचाने का काम किया। जहां भी मेरी जरूरत होगी आप मुझे बुलाओ मैं हाजिर हो जाऊंगा। आपकी लड़ाई मेरी लड़ाई है।





