नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच मटियामहल सीट पर बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला है। मटियामहल विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक असीम अहमद खान कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए हैं। यह घटनाक्रम ऐसे वक्त में सामने आया है जब आप की ओर से घोषित मटियामहल सीट के उम्मीदवार शोएब इकबाल को बदले जाने की चर्चाएं चल रही हैं। बता दें कि साल 2015 के चुनाव में असीम अहमद खान ने AAP के टिकट पर चुनाव लड़कर शोएब इकबाल को करीब 26 हजार मतों के अंतर से हराया था।
हाल ही में मटियामहल विधानसभा सीट से AAP के उम्मीदवार शोएब इकबाल ने कुछ वजहों का हवाला देते हुए चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था। उनका कहना था कि उन्होंने अरविंद केजरीवाल को अपने फैसले से अवगत करा दिया है। उन्होंने यह भी कहा था कि केजरीवाल ने उनकी जगह उनके बेटे आले इकबाल को AAP का उम्मीदवार बनाने की बात कही है। शोएब इकबाल के बयान से चर्चाएं तेज हो गई थीं कि AAP इस सीट से उम्मीदवार बदल सकती है। आले इकबाल निगम पार्षद हैं। वह डिप्टी मेयर भी रह चुके हैं।
गौर करने वाली बात यह कि कांग्रेस ने मटियामहल सीट से अभी तक उम्मीदवार का ऐलान नहीं किया है। पूर्व विधायक असीम अहमद खान भी क्षेत्र के दमदार नेता माने जाते हैं। वह 2015 के चुनाव में शोएब इकबाल को बड़े अंतर से हरा भी चुके हैं। ऐसे में यदि कांग्रेस उनको टिकट देती है तो इस विधानसभा सीट पर मुकाबला बेहद रोचक हो जाएगा। पिछली बार शोएब इकबाल कांग्रेस छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे और इस सीट पर बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी।
पिछले चुनाव में इस सीट पर शोएब इकबाल को 67,250 जबकि BJP के रविंदर गुप्ता को 17024 वोट मिले थे। कांग्रेस तीसरे नंबर पर रही थी और उसके उम्मीदवार मिर्जा जावेद अली को 3403 मतों से संतोष करना पड़ा था। चूंकि इस बार कांग्रेस AAP का खेल खराब करने के मूड में नजर आ रही है। उसने केजरीवाल के सामने संदीप दीक्षित को उतारा है। उसे मटियामहल में दमदार उम्मीदवार की तलाश थी। अब जब असीम अहमद ने उसका हाथ थामा है तो कांग्रेस उन्हें मौका देकर AAP को कड़ी चोट दे सकती है।





