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जयराम-राहुल-रेवंत पर BJP का तंज, कही ये बात

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नई दिल्ली। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान राफेल जेट को मार गिराने के दावों को लेकर कांग्रेस, राहुल गांधी, जयराम रमेश और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी घिरते नजर आ रहे हैं। उनके बयानों पर भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा कि ये जो पाकिस्तान के बब्बर हैं, वो हिंदुस्तान के गब्बर हैं। संबित पात्रा शुक्रवार को नई दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे।

संबित पात्रा ने राहुल गांधी, रेवंत रेड्डी और जयराम रमेश से पाकिस्तान से यह न पूछने पर सवाल किया कि उनके कितने एयरबेस नष्ट किए गए या कितने आतंकवादी मारे गए। उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान समय में कांग्रेस में दो गुट हैं- एक जो पाकिस्तान का समर्थन करता है और दूसरा जो अपनी आवाज उठाना चाहता है, लेकिन राहुल गांधी के कारण ऐसा नहीं कर पाता।

‘राहुल गांधी, जयराम रमेश और रेवंत रेड्डी पूछ रहे हैं कि कितने राफेल मार गिराए गए’
भाजपा सांसद ने आगे कहा कि कांग्रेस की ‘जय हिंद यात्रा’ ‘पाकिस्तान हिंद यात्रा’ जैसी लग रही है। राहुल गांधी, जयराम रमेश और रेवंत रेड्डी पूछ रहे हैं कि कितने राफेल मार गिराए गए। ‘ये जो पाकिस्तान के बब्बर हैं, वो हिंदुस्तान के गब्बर हैं।’ राहुल गांधी ने यह नहीं पूछा कि कितने पाकिस्तानी एयरबेस तबाह किए गए, कितने आतंकवादी मारे गए? बल्कि उन्होंने केवल यह पूछा कि कितने भारतीय विमान मार गिराए गए। आज कांग्रेस में दो गुट हैं – एक जो पाकिस्तान का समर्थन करता है और दूसरा जो देश के लिए आवाज उठाना चाहता है, लेकिन आप की वजह से ऐसा नहीं कर पा रहा है। आपकी ‘जय हिंद यात्रा’ ‘पाकिस्तान की हिंद यात्रा’ जैसी लग रही है और आपको यह यात्रा रोककर पाकिस्तान के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी चाहिए।

संबित पात्रा ने बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल पर जयराम रमेश की टिप्पणी के लिए भी उन पर हमला किया। पात्रा ने कहा कि उन्होंने आतंकवादियों की तुलना सांसदों से की है। भाजपा नेता ने जोर देकर कहा कि सांसद घूमने पर नहीं गए हैं, वे पूरी दुनिया के सामने भारत का पक्ष मजबूती से रखने गए थे। गांधी परिवार के दाहिने हाथ जयराम रमेश एक बयान देते हैं और वे अपने बयान में कहते हैं कि आतंकवादी घूम रहे हैं, सांसद भी घूम रहे हैं। आपने आतंकवादियों की तुलना सांसदों से की है। सांसद घूमने नहीं गए हैं, वे दुनिया में भारत का पक्ष मजबूती से रखने गए हैं और इसमें आपके सांसद भी शामिल हैं।

उन्होंने पिछली यूपीए सरकार पर आतंकवादियों को पीएमओ में बुलाने का भी आरोप लगाया और कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान के नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया, जिसके लिए ऑपरेशन से संबंधित सैटेलाइट तस्वीरें भी दिखाई गईं। एक समय था- जब आतंकवादियों को पीएमओ में बुलाया जाता था। हमें वह दिन भी याद रखना चाहिए, जब सोनिया गांधी आतंकवादियों के शवों को देखकर रो पड़ी थीं। भारतीय सेना ने नौ आतंकवादी ठिकानों को नष्ट कर दिया। उपग्रह चित्र दिखाए गए। डीजीएमओ ने सभी तथ्य प्रस्तुत किए।

इससे पहले गुरुवार को तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने कहा कि राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सर्वदलीय बैठक में भाग लिया और केंद्र को अपना पूरा समर्थन दिया। उन्होंने यह साफ किया कि भारत को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को भारत में मिलाने के लिए पाकिस्तान के खिलाफ लड़ना चाहिए। एक आधिकारिक बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पाकिस्तान को दो देशों में विभाजित करने के लिए अपना पूरा समर्थन पहले ही घोषित कर दिया है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर मोदी सरकार की ओर से जंग को बंद करने पर आपत्ति जताई।

उन्होंने का कि पाकिस्तान ने राफेल लड़ाकू विमानों को मार गिराया है, जिन्हें पीएम मोदी लेकर आए थे। जब उनसे पूछा गया कि कितने गिराए गए? कोई चर्चा नहीं हुई। दूसरे देश से युद्धक लड़ाकू विमान खरीदने वाले पीएम मोदी को जवाब देना चाहिए कि पाकिस्तान ने कितने राफेल जेट गिराए हैं। आपने अपने करीबी लोगों को हजारों करोड़ के ठेके दिए और राफेल जेट खरीदे, लेकिन उन्हें क्यों बर्बाद कर दिया गया? रेड्डी ने कहा, ‘आपको इसका जवाब देना चाहिए।’

रेवंत रेड्डी ने दोहराया कि कांग्रेस और गांधी परिवार का देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने का इतिहास रहा है। पीएम मोदी को एक खत्म हो चुकी ताकत बताते हुए सीएम ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से कड़ी मेहनत करने और राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने तक आराम न करने की अपील की। इसके अलावा तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने भाजपा की हालिया तिरंगा रैली पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस भारतीय सैनिकों के बीच आत्मविश्वास बहाल करने के लिए जय हिंद यात्रा का आयोजन कर रही है, जो भाजपा के कदमों से हतोत्साहित हो गए हैं।

इससे पहले राहुल गांधी ने 17 मई को ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा किया। इसमें जयशंकर का बयान था। राहुल ने लिखा, ‘हमारे हमले की शुरुआत में पाकिस्तान को सूचित करना एक अपराध था। विदेश मंत्री ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि भारत सरकार ने ऐसा किया। 1. इसे किसने अधिकृत किया? 2. इसके परिणामस्वरूप हमारी वायुसेना ने कितने विमान खो दिए?’

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चंचल गोयल, अभिभावक, ग्वालियर, एमपी

मैंने अपने 15 साल के शिक्षा के क्षेत्र में अनुभव के आधार पर देखा है कि प्राइमरी टीचर्स की बॉन्डिंग बच्चों के साथ बहुत अच्छी होती है।  यह उम्र के बच्चे अपने टीचर्स को फॉलो करते हैं और पेरेंट्स से भी लड़ जाते हैं। इसलिए, स्कूल और टीचर्स पर बड़ी जिम्मेदारी होती है कि वे बच्चों को खुश रखें।

अगर बच्चा अच्छा परफॉर्म करने लगे, तो पेरेंट्स उसे अपना हक मान लेते हैं। पेरेंट्स को विश्वास करना चाहिए कि जिस स्कूल में उन्होंने दाखिला कराया है, वह बच्चों के लिए सही है। लेकिन अपने बच्चों का रिजल्ट किसी और के बच्चे से कंपेयर नहीं करना चाहिए। आजकल के पेरेंट्स समझदार हैं और जानते हैं कि बच्चों को कैसी शिक्षा देनी है। किसी भी समस्या के लिए वे सीधे टीचर से बात कर सकते हैं, जिससे समस्या का समाधान जल्दी हो सके।

प्रियंका जैसवानी चौहान, हेड मिस्ट्रेस, बिलाबोंग हाई इंटरनेशनल स्कूल, ग्वालियर, एमपी

जुलाई का सत्र बच्चों के लिए महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यह सबसे बड़ा वेकेशन होता है।  पेरेंट्स को बच्चों की लास्ट सेशन की पढ़ाई का रिवीजन कराना चाहिए ताकि वे आउट ऑफ रेंज न हो जाएं। शुरुआती अध्याय बच्चों की रुचि को बनाए रखने में महत्वपूर्ण होते हैं।

आगे वे कहते हैं कि प्रेशर का नेगेटिव और पॉजिटिव दोनों प्रभाव होते हैं। आज की युवा पीढ़ी में 99% लोग बिजनेस और स्टार्टअप्स शुरू कर रहे हैं। पढ़ाई को लेकर बच्चों पर दबाव डालना गलत है, लेकिन भविष्य के लिए यह लाभदायक हो सकता है। बच्चों को गैजेट्स का सही उपयोग आना चाहिए, लेकिन उन पर पूर्णतः निर्भर होना गलत है।

तुषार गोयल, एचओडी इंग्लिश, बोस्टन पब्लिक स्कूल, आगरा, यूपी

वेकेशंस के दौरान बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह नहीं हटानी चाहिए। स्कूल द्वारा दिए गए प्रोजेक्ट्स को धीरे-धीरे  करने से पढ़ाई का दबाव नहीं बनता। जब पढ़ाई फिर से शुरू होती है, तो बच्चों को अधिक दबाव महसूस नहीं होता। आजकल स्कूल बहुत मॉडर्नाइज हो गए हैं जिससे बच्चों को हेल्दी एटमॉस्फियर और खेल-खेल में सीखने को मिलता है।

एडमिनिस्ट्रेशन को बुक्स का टाइम टेबल सही तरीके से बनाना चाहिए ताकि बच्चों पर वजन कम पड़े। स्कूल में योग और एक्सरसाइज जैसी गतिविधियाँ भी शुरू होनी चाहिए ताकि बच्चे फिट रहें और उन्हें बैक प्रेशर न हो। टीचर और पेरेंट्स के बीच का कम्यूनिटेशन गैप काम होना चाहिए। बच्चों का एडमिशन ऐसे स्कूल में करें जिसका रिजल्ट अच्छा हो, भले ही उसका नाम बड़ा न हो।

डॉ. नेहा घोडके, अभिभावक, ग्वालियर, एम

बच्चों को पढ़ाई की शुरुआत खेलते-कूदते करनी चाहिए ताकि उन्हें बोझ महसूस न हो। पेरेंट्स की अपेक्षाएं आजकल बहुत बढ़ गई हैं,  लेकिन हर बच्चा समान नहीं होता। बच्चों को अत्यधिक दबाव में न डालें, ताकि वे कोई गलत कदम न उठाएं। वे आगे कहती हैं कि आजकल बच्चे दिनभर फोन का उपयोग करते रहते हैं, और पेरेंट्स उन्हें फोन देकर उनसे छुटकारा पाना चाहते हैं। पेरेंट्स को बच्चों पर ध्यान देना चाहिए और उन्हें कम से कम समय के लिए फोन देना चाहिए।

दीपा रामकर, टीचर, माउंट वर्ड स्कूल, ग्वालियर, एमपी

हमारे स्कूल में पारदर्शिता पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। आजकल के समय में पेरेंट्स अपने काम में व्यस्त रहते हैं और बच्चों की पढ़ाई पर समय कम दे पाते हैं। स्कूल द्वारा टेक्नोलॉजी की मदद से बच्चों का होमवर्क पेरेंट्स तक पहुँचाया जाता है ताकि वे बच्चों पर ध्यान दे सकें।

पेरेंट्स को बच्चों को गैजेट्स देते वक्त ध्यान रखना चाहिए की वह उसका कितना इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्हें मोबाइल का कम से कम उपयोग करने देना चाहिए। अगर आप अपने बच्चों के सामने बुक रीड करेंगे तो बच्चा भी बुक रीड करने के लिए प्रेरित होगा।

दीक्षा अग्रवाल, टीचर, श्री राम सेंटेनियल स्कूल, आगरा, यूपी

वर्तमान समय में बच्चों को पढ़ाने की तकनीक में बदलाव आया है, आजकल थ्योरी से ज्यादा प्रैक्टिकल बेस्ड लर्निंग पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। आजकल पेरेंट्स भी पहले से बेहद अवेयर हैं, क्योंकि अब बच्चों के करियर पॉइंट ऑफ व्यू से कई विकल्प हमारे सामने होते हैं जरूरी है कि पेरेंट्स बच्चों के साथ प्रॉपर कम्युनिकेट करें।

अंकिता राणा, टीजीटी कोऑर्डिनेटर, बलूनी पब्लिक स्कूल, दयालबाग, आगरा, यूपी

वर्तमान समय में बच्चों को पढ़ाने की तकनीक में बदलाव आया है, आजकल थ्योरी से ज्यादा प्रैक्टिकल बेस्ड लर्निंग पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। आजकल पेरेंट्स भी पहले से बेहद अवेयर हैं, क्योंकि अब बच्चों के करियर पॉइंट ऑफ व्यू से कई विकल्प हमारे सामने होते हैं जरूरी है कि पेरेंट्स बच्चों के साथ प्रॉपर कम्युनिकेट करें।