गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई पर अप्रत्यक्ष तौर पर निशाना साधते हुए उनकी ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न के आईएसआई से कथित संबंध पर उनसे जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि गौरव गोगोई और उनकी पत्नी को आईएसआई के साथ अपने घनिष्ठ संबंधों और युवाओं का ब्रेनवाश करने एवं कट्टरपंथी बनाने के लिए पाकिस्तान उच्चायोग में ले जाने के संबंध में उठाए गए गंभीर सवालों का जवाब देने की जरूरत है।
गौरतलब है कि एलिजाबेथ कोलबर्न पाकिस्तान के योजना आयोग के वरिष्ठ सलाहकार अली तौकीर शेख के साथ काम कर चुकी हैं। इसने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं क्योंकि गौरव गोगोई संसद में प्रतिपक्ष के उप-नेता हैं। उन्होंने 2013 में गुवाहाटी में एलिजाबेथ से शादी की थी और उसके तुरंत बाद सक्रिय राजनीति में शामिल हो गए। उन्होंने 2014 में असम के कलियाबोर निर्वाचन क्षेत्र से पहली बार लोकसभा चुनाव जीता था।
गौरव गोगोई पप यह भी आरोप है कि ‘जार्ज सोरोस इकोसिस्टम’ के नेतृत्व में विदेशी ताकतों ने वर्ष 2014 में असम कांग्रेस के एक बड़े फैसले को प्रभावित किया था।
पाकिस्तानी सरकार और जार्ज सोरोस की ओपन सोसाइटी से गोगोई और उनकी पत्नी के कथित संबंधों वाली रिपोर्टों के बारे में असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुत जल्द यह पता चल जाएगा कि जार्ज सोरोस के इकोसिस्टम के नेतृत्व में विदेशी ताकतों ने 2014 में असम कांग्रेस के एक बड़े फैसले को कैसे प्रभावित किया। समय के साथ सच्चाई जरूर सामने आएगी।
गोगोई की पत्नी की विदेशी नागरिकता को लेकर उठाए सवाल
सीएम हिमंत ने गौरव गोगोई पर परोक्ष तौर से तंज करते हुए कहा कि शादी के बाद पिछले 12 साल से उनकी पत्नी के पास विदेशी नागरिकता है। एक्स पर अपने एक पोस्ट में उन्होंने कहा, “सिंगापुर में एक आईएफएस अधिकारी के साथ बातचीत के दौरान मुझे पता चला कि भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी भारत सरकार की पूर्व अनुमति के बिना किसी विदेशी नागरिक से शादी नहीं कर सकते हैं। इसके अलावा, जब अनुमति दी जाती है तब भी यह शर्त होती है कि पति या पत्नी को छह महीने के भीतर भारतीय नागरिकता हासिल करनी होगी। दिलचस्प बात यह है कि यह नियम हमारे सांसदों पर लागू नहीं होता है।”





