नई दिल्ली। बिहार में विधानसभा चुनाव का एलान होने में करीब छह महीने का समय बचा है। इस बीच राज्य में सियासी उथल-पुथल भी जारी है। सत्ताधारी गठबंधन में शामिल दलों में चुनाव बाद मुख्यमंत्री कौन बनेगा? इसको लेकर भी खूब बयानबाजी हुई। हालांकि, अब सभी नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ने की बात कर रहे हैं। नीतीश की सेहत भी चर्चा का विषय है। ऐसे में राहुल गांधी का दौरा बिहार की सियासत को नई दिशा देने वाला हो सकता है।
कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी आज बिहार में रहेंगे। यहां वे विधानसभा चुनाव के लिए चुनावी बिगुल फूंकेंगे। इस दौरान वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा के गठबंधन पर जमकर निशाना साधेंगे। केंद्र की भाजपा सरकार पर राहुल हमलावर हैं ही, ऐसे में वे विधानसभा चुनाव में भी भाजपा के साथ-साथ जदयू को आड़े हाथों लेने की तैयारी में हैं। इसके लिए उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए बड़ा एलान किया है।
उन्होंने लिखा, ‘बिहार के युवा साथियों मैं 7 अप्रैल को बेगूसराय आ रहा हूं, पलायन रोको, नौकरी दो यात्रा में आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने। लक्ष्य है कि पूरी दुनिया को बिहार के युवाओं की भावना दिखे, उनका संघर्ष दिखे, उनका कष्ट दिखे। आप भी सफेद टी-शर्ट पहनकर आइए, सवाल पूछिए, आवाज उठाइए- सरकार पर आपके अधिकारों के लिए दबाव बनाने के लिए, उसे हटाने के लिए। सफेद टी-शर्ट मूवमेंट में हिस्सा लीजिए। रजिस्टर कीजिए। आइए, हम मिलकर बिहार को अवसरों वाला राज्य बनाएं।’
243 विधानसभा सीटों वाले बिहार में नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (एनडीए) को 125 सीटों पर जीत मिली थी। इसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सबसे ज्यादा 74 सीटें हासिल हुई थीं, जबकि जनता दल यूनाइटेड (जदयू) को 43 सीटें मिली थीं। इसके अलावा विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) को 4 सीटें हासिल हुई थीं। दूसरी तरफ महागठबंधन को बिहार में 110 सीटों पर जीत मिली थी। इनमें से राजद को सबसे ज्यादा 75 सीटें, कांग्रेस को 19 सीटें, वाम दलों (सीपीआई, सीपीएम, सीपीआई-एमएल) को 16 सीटें मिली थीं। वहीं, अन्य दलों में लोकजनशक्ति पार्टी (लोजपा), जो कि अब एनडीए का हिस्सा है, को 1 सीट और एआईएमआईएम को पांच सीटें मिली थीं। बसपा को एक और 1 निर्दलीय प्रत्याशी की भी जीत हुई थी।
बिहार में 2020 में हुए विधानसभा चुनाव 28 अक्तूबर 2020 से 7 नवंबर 2020 तक आयोजित किए गए थे। मतगणना 10 नवंबर को कराई गई। यह मुकाबला सत्तासीन एनडीए गठबंधन और महागठबंधन के बीच था। उस वक्त एनडीए में भाजपा, जदयू, हम और वीआईपी शामिल थीं, जबकि महागठबंधन में राजद, वाम दल और कांग्रेस शामिल थीं।





