नई दिल्ली। दिल्ली शराब घोटाले में पूछताछ के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का नोटिस मिलने के साथ ही सियासी गलियारों में नए
CM के नाम की चर्चा तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (नेता) मंगलवार दिन भर मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी की आशंका जताते दिखे। इसके लिए दलील पूछताछ के लिए बुलाकर दो मंत्रियों व एक सांसद की गिरफ्तारी को दी जा रही है। ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि ईडी मुख्यमंत्री को गिरफ्तार करती है तो उनकी जगह कौन लेगा।
जनकारी के मुताबिक, सियासी चर्चाओं में इस बात को लेकर कोई संदेह नहीं कि इससे दिल्ली की आप सरकार पर कोई खतरा होगा। सरकार दिल्ली में आप की ही रहेगी। यहां सवाल सिर्फ मुख्यमंत्री की गद्दी का है। इसमें भी अभी अव्वल यही माना जा रहा है कि ईडी मुख्यमंत्री को गिरफ्तार नहीं करेगी। लेकिन ऐसा होने की सूरत में भी किसी दूसरे नेता को तुरंत मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाएगा। इसके लिए पार्टी अदालती कार्यवाही का रुख देखेगी। जिस तरह दावे के साथ आप नेता पूरे घटनाक्रम को साजिश करार दे रहे हैं, उसमें माना जा रहा है कि अदालत से राहत मिल जाए। लेकिन अगर मामला इसके उलट होता है तो कानूनी प्रावधानों के हिसाब से फैसला लिया जाएगा।
बता दें, सियासी जानकारों का मानना है कि अगर अदालत में मामला लंबा खिंचता है तो ज्यादा संभावना इसी बात की है कि आप अपने किसी विधायक को इसकी जिम्मेदारी दे दे। मौजूदा सियासी हालात में यह बेहतर फैसला होगा। वजह यह कि अगर किसी ऐसे नेता का नाम आप मुख्यमंत्री के तौर पर लाती है, जो विधायक नहीं है तो उसे छह माह के भीतर चुनाव लड़ना पड़ेगा। लेकिन फिलहाल आप के लिए चुनावी मैदान में जाना सियासी तौर पर नुकसानदेह भी हो सकता है। आप शायद ही इस तरह को कोई फंसने वाला फैसला ले। वह सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ने की रणनीति पर काम करेगी।





