नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को बिहार की महिलाओं की सुरक्षा स्थिति को लेकर भाजपा-जदयू सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह स्वीकार करना चाहिए कि 20 साल सत्ता में रहने के बाद भी वे राज्य को महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं बना पाए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘अगर आज मोदी जी को यह कहना पड़ रहा है कि बिहार में ‘बहुएं और बेटियां सुरक्षित नहीं हैं’, तो यह उनकी अपनी सरकार की नाकामी का प्रमाण है। 20 साल में भी बिहार सुरक्षित नहीं बन सका।’
बिहार में BJP-JDU की सरकार 20 साल से है। अगर आज भी मोदी जी को कहना पड़ रहा है कि बिहार में “बहू-बेटियाँ सुरक्षित नहीं”, तो ये उनका खुद का self-admission है कि 20 साल में उन्होंने बिहार को सुरक्षित नहीं बनाया !
कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि राज्य में महिलाओं और बच्चों की स्थिति बेहद चिंताजनक है। उन्होंने राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि बिहार में 70 प्रतिशत बच्चे खून की कमी (एनीमिया) से पीड़ित हैं और 40 प्रतिशत बच्चे कुपोषण का शिकार हैं। केवल 11 प्रतिशत शिशुओं को पर्याप्त पोषण मिल पाता है।
उन्होंने कहा कि महागठबंधन सरकार बनने पर महिलाओं के सशक्तिकरण और आर्थिक उन्नति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। खरगे ने महागठबंधन की ओर से महिलाओं के लिए किए गए वादों का जिक्र करते हुए कहा कि महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा, बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को ₹1,500 से ₹3,000 तक की मासिक पेंशन देने का भी वादा किया गया है। साथ ही, जीविका दीदी को सरकारी मान्यता देने की घोषणा की गई है। खरगे ने कहा, ‘हमारे वादे केवल चुनावी जुमले नहीं हैं। जो वादे हम करते हैं, उन्हें पूरा भी करते हैं—जैसा हमने कांग्रेस शासित राज्यों में किया है।’
बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में 6 और 11 नवम्बर को होंगे, जबकि मतगणना 14 नवम्बर को होगी। विपक्षी इंडिया गठबंधन, जिसमें राजद, कांग्रेस और वाम दल शामिल हैं, ने तेजस्वी यादव को अपना मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है।





