नोएडा, यूपी। भारत की समृद्ध पाक कला विरासत का जश्न मनाते हुए, प्रतिष्ठित नेशनल कुकरी कॉन्टेस्ट – “कहीं गुम ना हो जाएं” सीज़न 7 का भव्य समापन इंडियन कलिनरी इंस्टिट्यूट (Indian Culinary Institute) और NCHM, नोएडा में हुआ। पूरे देश से 50 राज्य-फाइनलिस्ट इस प्रतियोगिता में शामिल हुए और लाइव कुकिंग डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से अपनी असाधारण पाक कला प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

इस वर्ष की प्रतियोगिता में फातिमा शीबा (कन्याकुमारी) को नेशनल विनर घोषित किया गया, जबकि सुमोना देब (झारखंड) प्रथम रनर-अप और चरणजीत कौर (जम्मू-कश्मीर) द्वितीय रनर-अप रहीं। विजेताओं को क्रमशः ₹51,000, ₹31,000 और ₹21,000 की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया। इसके अलावा, विशेष ज्यूरी अवार्ड्स और विभिन्न श्रेणियों में भी पुरस्कार दिए गए, जिससे भारतीय व्यंजनों की विविधता और रचनात्मकता को बढ़ावा मिला।
इस आयोजन का संचालन Let’s Give Back संस्था द्वारा किया गया, जो Back to Roots के तहत एक पंजीकृत NGO है। इस प्रतियोगिता की शुरुआत दिवंगत सुश्री बबिता सक्सेना ने 2016 में की थी, और उनके निधन के बाद उनके सपने को सेवानिवृत्त कर्नल अतुल सक्सेना के नेतृत्व में आगे बढ़ाया जा रहा है। इस वर्ष की थीम “हमारी विरासत, हमारे व्यंजन” थी, जिसका उद्देश्य पारंपरिक भारतीय व्यंजनों को संरक्षित और लोकप्रिय बनाना था।
यह प्रतियोगिता 13 राज्यों में राज्य स्तरीय चयन के बाद आयोजित की गई, जिनमें दिल्ली/NCR, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, पंजाब, गुजरात, असम, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, झारखंड और महाराष्ट्र शामिल थे। प्रत्येक राज्य के विजेताओं ने ग्रैंड फिनाले में प्रतिष्ठित नेशनल टाइटल के लिए प्रतिस्पर्धा की। इस भव्य आयोजन में पद्म पुष्पेश पंत और शेफ मंजीत गिल जैसी हस्तियों ने अपनी उपस्थिति से चार चांद लगाए।
इस सफल आयोजन में योगदान देने वाले सभी राज्य को-ऑर्डिनेटर्स, प्रशासनिक टीम और प्रायोजकों का हार्दिक आभार व्यक्त किया गया। रॉयल राजस्थान शेफ सोसाइटी, नेस्ले, रिट्ज किचन, ग्रामिया, स्टूडियो कहवा, बोर्जेस ऑलिव ऑयल, कॉर्निटोस, गोल्डी मसाले और अन्य सहयोगियों ने इस प्रतियोगिता को संभव बनाया। यह आयोजन न केवल भारत की पाक कला प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करता है बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का भी संदेश देता है।





