नई दिल्ली। मध्य प्रदेश कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने के लिए तरह-तरह के प्रयोग कर रही है साथ ही केंद्रीय नेतृत्व भी मध्य प्रदेश में जड़े मजबूत करने में जुट गया है। मध्यप्रदेश में संगठन सृजन अभियान शुरू करने जा रहा है। इसके लिए एआईसीसी से 50 आब्जर्वर नियुक्त किए गए हैं। इस टीम में देश के अलग-अलग राज्यों के सांसद, विधायक, पूर्व मंत्रियों को इस टीम में शामिल किया है। मध्य प्रदेश में सृजन अभियान की शुरुआत लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी करेंगे। जानकारी के मुताबिक राहुल गांधी जून महीने के पहले सप्ताह भोपाल आएंगे हालांकि अभी तारीख तय नहीं हो पाई है। लेकिन एमपी कांग्रेस को राहुल गांधी की ओर से जून के पहले सप्ताह में आने की सहमति दी गई है।
कांग्रेस से मिली जानकारी के अनुसार संगठन सृजन अभियान के दौरान कांग्रेस के सभी ऑब्जर्वर और को-ऑब्जर्वर आवंटित जिले में जाकर ये पता लगाएंगे कि कांग्रेस किस विधानसभा में कितनी मजबूत है। कांग्रेस के साथ जुडे़ पुराने कांग्रेसियों की लिस्ट भी तैयार होगी। इस दौरान ऐसे नेताओं की लिस्ट भी बनाई जाएगी जो कांग्रेस में रहकर बीजेपी काे फायदा पहुंचाते हैं। दरसअल राहुल गांधी ने एमपी में कांग्रेस के संगठन की जमीनी हकीकत जानने के लिए अलग-अलग राज्यों के दिग्गज नेताओं को जिम्मेदारी है। मप्र में दूसरे राज्यों के नेताओं को भाषाई दिक्कत न हो और आने-जाने में किसी प्रकार की समस्या न हो इसके लिए मप्र कांग्रेस की ओर से हर जिले के लिए 4 सहयोगी पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएंगे। इनका काम सिर्फ सहयोगी के तौर पर ही रहेगा।
जानकारी के मुताबिक संगठन सृजन अभियान के तहत ऑर्ब्जवर अपने आवंटित जिले में कांग्रेस जिला अध्यक्ष के लिए मजबूत कार्यकर्ताओं के नाम छांटकर उनका एक पैनल भी बनाकर दिल्ली भेजेंगे। इसमें यह देखा जाएगा कि जिला अध्यक्ष के लिए कौन सा कार्यकर्ता वैचारिक तौर पर पार्टी से कितने समय से जुड़ा है और उसके काम करने की शैली, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं से कैसा संपर्क है।एआईसीसीसी द्वारा नियुक्त प्रत्येक ऑब्जर्वर को एक जिले की जिम्मेदारी दी जाएगी। एमपी कांग्रेस की ओर से 4 सहयोगी पर्यवेक्षकों की नियुक्ति भी हफ्ते भर में कर दी जाएगी। इसके बाद जून महीने के पहले सप्ताह में राहुल गांधी संगठन सृजन अभियान की टीम के साथ बैठक कर कैम्पेन की औपचारिक शुरुआत करेंगे।





