मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से ‘लकजूरिया क्लोसेट’ की फाउंडर रेनी चड्ढा ने अपने उद्यमशील सफर को साझा करते हुए बताया कि उन्होंने बेहद सीमित संसाधनों के साथ अपने बिजनेस की शुरुआत की। परिवार और बच्चों की जिम्मेदारियों के बीच नौकरी के बजाय उन्होंने बिजनेस को चुना और महज 20 हजार रुपये से घर से काम शुरू किया। धीरे-धीरे एग्जिबिशन में हिस्सा लेने और ग्राहकों से मिले सकारात्मक रिस्पॉन्स ने उनके आत्मविश्वास को मजबूत किया, जिसके बाद उन्होंने अपने काम का एक आउटलेट के रूप में विस्तार दिया।
रेनी ने बताया कि शुरुआती दौर में संसाधनों की कमी थी, लेकिन ग्राहकों की मांग को समझते हुए उन्होंने धीरे-धीरे अपनी टीम तैयार की और टेलर्स को जोड़कर कस्टमाइज्ड डिजाइनिंग शुरू की। आज उनके पास प्रीमियम और हाई-प्रोफाइल ग्राहकों का मजबूत नेटवर्क है, जिनमें देश-विदेश के क्लाइंट्स भी शामिल हैं। उन्होंने एमएसएमई योजना के तहत लोन लेकर अपने बिजनेस को और आगे बढ़ाया और अब तीन साल में उनका ब्रांड एक स्थिर पहचान बना चुका है।
उन्होंने यह भी कहा कि एक गृहिणी से उद्यमी बनने का सफर आसान नहीं था, लेकिन परिवार के सहयोग, खासकर पति के प्रोत्साहन से उन्होंने समय प्रबंधन कर दोनों जिम्मेदारियों को संतुलित किया। रेनी का लक्ष्य अब अपने ब्रांड को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करना है और भविष्य में एक बड़ी फैक्ट्री और मजबूत नेटवर्क के साथ ‘लकजूरिया क्लोसेट’ को देशभर में पहचान दिलाना है।





