नई दिल्ली। इंदौर की वरिष्ठ वैज्ञानिक रहीं सुरेखा सोनवाने ने अपनी सेवानिवृत्ति के बाद सौर ऊर्जा के उपयोग से खाद्य संरक्षण की दिशा में एक अनूठी पहल की है। 2016 में पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड से रिटायर होने के बाद उन्होंने सोलर ड्रायर तकनीक पर काम करना शुरू किया। विभिन्न प्रयोगों के बाद, उन्होंने फलों, सब्जियों, अनाज और मिलेट्स को संरक्षित कर “Ready to Cook,” “Ready to Eat,” और “Ready to Drink” जैसे प्रीमिक्स तैयार किए, जिससे आधुनिक जीवनशैली के अनुरूप व्यंजन बनाना आसान हो गया। उनका ब्रांड “Sampurna Life” अब लोगों को हेल्दी और सुविधाजनक भोजन विकल्प प्रदान कर रहा है।
सुरेखा सोनवाने का मुख्य उद्देश्य केवल उत्पाद बेचना नहीं, बल्कि लोगों को आत्मनिर्भर बनाना भी है। उन्होंने महिलाओं और युवाओं को मुफ्त में प्रीमिक्स बनाने की ट्रेनिंग देनी शुरू की, जिससे वे अपने स्वाद और जरूरतों के अनुसार भोजन तैयार कर सकें। इसके अलावा, उन्होंने 2023 के ‘मिलेट वर्ष’ में मिलेट्स को अधिक सुलभ बनाने के लिए अभिनव तरीके अपनाए, जिससे बिना लंबी तैयारी के लोग मिलेट्स को अपने आहार में आसानी से शामिल कर सकें। उनके प्रयासों से स्कूल के बच्चों, जॉब पेशेवरों और वृद्धजनों को भी लाभ मिला है।
सुरेखा सोनवाने का काम सिर्फ व्यवसाय तक सीमित नहीं है, बल्कि वह सामाजिक सेवा में भी सक्रिय हैं। वह वृद्धाश्रमों और अनाथालयों में प्रीमिक्स वितरित कर जरूरतमंदों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवा रही हैं। उनकी इस पहल से खाद्य सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ रही है और सौर ऊर्जा के माध्यम से पर्यावरण अनुकूल खाद्य संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है। उनकी यह यात्रा साबित करती है कि उम्र कभी भी नए प्रयोगों और समाज सेवा की राह में बाधा नहीं बन सकती।





