इंदौर, मध्य प्रदेश की जूही राव की कहानी एक मिसाल है उन महिलाओं के लिए, जो शादी और जिम्मेदारियों के बाद अपने सपनों को पीछे छोड़ देती हैं। मूलतः भोपाल की अब इंदौर निवासी जूही राव ने कॉलेज के दौरान मॉडलिंग के बारे में सोचा था, लेकिन पढ़ाई और फिर शादी के चलते वह सपना अधूरा रह गया। कुछ साल पहले उन्होंने दोबारा इस दिशा में कदम बढ़ाया और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रेरणा लेकर खुद को तैयार किया। उन्होंने बताया कि अब मॉडलिंग इंडस्ट्री पहले जैसी नहीं रही—अब शादीशुदा महिलाएं और माताएँ भी इसमें अपना नाम बना रही हैं।
जूही ने हाल ही में “मिसेज एमपी 2025” का खिताब जीता, जिसे वह अपने जीवन का सबसे यादगार लम्हा मानती हैं। उन्होंने बताया कि जब उन्हें ताज पहनाया गया, तो उनका पूरा परिवार वहाँ मौजूद था, और सबकी आंखों में जो गर्व और खुशी थी, वह पल कभी नहीं भूल पाएंगी। मॉडलिंग में उन्होंने सिर्फ ग्लैमर ही नहीं देखा, बल्कि आत्मविश्वास, कम्युनिकेशन स्किल्स और पर्सनालिटी डेवलपमेंट का भी अनुभव किया। उनका मानना है कि मध्यप्रदेश खासकर इंदौर जैसे शहरों में महिलाओं में फैशन के प्रति जागरूकता और उत्सुकता तेजी से बढ़ी है, जिससे इस क्षेत्र में नए अवसर बनते जा रहे हैं।
हालांकि जूही ने इस क्षेत्र में होने वाले शोषण और धोखाधड़ी की चुनौतियों पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि नई लड़कियों को सजग और आत्मनिर्भर रहना चाहिए। किसी भी ऑफर को स्वीकार करने से पहले उसकी सच्चाई और विश्वसनीयता की जांच करना बेहद जरूरी है। अब जूही की नजर मिसेज इंडिया और फिर मिसेज यूनिवर्स जैसे बड़े मंचों पर है। वे खुद को हर दिन बेहतर बनाने पर काम कर रही हैं और चाहती हैं कि उनकी यह यात्रा अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बने—इस बात की कि सपने कभी समय के गुलाम नहीं होते, उन्हें पूरा करने का जज्बा चाहिए।





