रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से उभरते उद्यमी और थेरानाइज़ हेल्थकेयर के फाउंडर एवं सीईओ गगनदीप सिंह अरोरा स्वास्थ्य सेवाओं में एक बड़ा बदलाव लाने के मिशन पर काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारत में 80% मेडिकल डिसीजन लैब टेस्ट पर आधारित होते हैं, लेकिन अब तक ये रिपोर्ट्स कागज़ों तक सीमित थीं, जिससे डॉक्टर के पास कम समय में मरीज की पुरानी और नई स्थिति समझना कठिन हो जाता था। इसी समस्या को पहचानते हुए गगनदीप ने एक डिजिटल हेल्थ डेटा प्लेटफॉर्म विकसित करने का संकल्प लिया, जो मरीज की सभी जांचों का एकीकृत, व्यवस्थित और विश्लेषित रिकॉर्ड डॉक्टरों को उपलब्ध करवाता है। यह तकनीक कैंसर, डायबिटीज़ और आर्थराइटिस जैसी प्रोग्रेसिव बीमारियों को शुरुआती चरण में पहचानने में भी मदद कर सकती है।
गगनदीप बताते हैं कि इस स्टार्टअप की प्रेरणा उन्हें अपनी मां की लंबी बीमारी से मिली। वे कहते हैं— “मुझे हर बड़े अस्पताल में एक भारी बैग लेकर जाना पड़ता था जिसमें मां की पुरानी रिपोर्ट्स, दवाइयां और मेडिकल हिस्ट्री होती थी। डॉक्टर के पास केवल 10 मिनट होते हैं, और इतने कम समय में वर्षों की जानकारी देना लगभग असंभव था। तभी लगा कि इसका एक डिजिटल समाधान होना चाहिए।” वर्ष 2014 में आइडिया शुरू करने के बाद परिवारिक परिस्थितियों के कारण उन्हें प्रोजेक्ट रोकना पड़ा, पर 2022 में उन्होंने इसे फिर से नये जोश के साथ आगे बढ़ाया। उन्होंने पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, बायोकैमिस्ट्री और रेडियोलॉजी के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम, साथ ही पुणे और छत्तीसगढ़ की टेक टीम के साथ मिलकर इस अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म का निर्माण किया।
आज थेरानाइज़ हेल्थकेयर 15–20 लाख मरीजों तक अपनी डिजिटल हेल्थ सर्विस पहुंचा चुका है, और जल्द ही एक पेशेंट ऐप लॉन्च होने वाला है, जो हर व्यक्ति को उसकी सभी रिपोर्ट्स, हेल्थ हिस्ट्री और प्रिडिक्टिव एनालिसिस हाथों में उपलब्ध कराएगा। गगनदीप बताते हैं कि उनका लक्ष्य AI आधारित प्रिडिक्टिव हेल्थ एनालिसिस को मजबूत करना है ताकि कैंसर और डायबिटीज जैसे खतरे शुरुआती अवस्था में ही पहचान लिए जाएं। वे कहते हैं— “बीमारी आने का इंतजार मत कीजिए। जैसे इंश्योरेंस जरूरी है, वैसे ही हर छह महीने में फुल बॉडी चेकअप भी उतना ही महत्वपूर्ण है। हेल्थ डेटा हमारे पास रहेगा तो स्वास्थ्य सुरक्षित रहेगा।”
गगनदीप सिंह अरोरा और उनकी टीम का यह प्रयास छत्तीसगढ़ से शुरू होकर धीरे-धीरे पूरे देश के स्वास्थ्य तंत्र को डिजिटल और सक्षम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रहा है।





