मध्य प्रदेश के ग्वालियर से स्मार्ट सोलर के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर सुयश अष्ठाना ने रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद उन्होंने नौकरी के बजाय स्टार्टअप का रास्ता चुना और आज सोलर एनर्जी के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ युवाओं को उद्यमिता की ओर प्रेरित कर रहे हैं।
सुयश अष्ठाना ने बताया कि उन्होंने बैंगलोर से बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद एक कंपनी में इंटर्नशिप के तौर पर काम किया, लेकिन पारिवारिक परिस्थितियों के चलते उन्हें ग्वालियर लौटना पड़ा। शुरुआत से ही उनका झुकाव बिजनेस की ओर था, खासकर रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में। इसी सोच के साथ उन्होंने वर्ष 2025 में अपनी कंपनी की शुरुआत की और स्मार्ट सिटी ग्वालियर से जुड़े स्टार्टअप प्रोग्राम्स में भाग लेकर अपनी पहल को आगे बढ़ाया।
उनकी कंपनी प्रोडक्ट और सर्विस दोनों मॉडल पर काम करती है, जिसमें सोलर पैनल की सप्लाई से लेकर इंस्टॉलेशन तक की पूरी सुविधा दी जाती है। सुयश का मानना है कि आज भी लोगों में सोलर एनर्जी को लेकर जागरूकता की कमी है। वे बताते हैं कि सोलर सिस्टम एक बार लगाने के बाद 4-5 साल में ही लागत वसूल कर देता है और करीब 25 साल तक लाभ देता है। साथ ही यह पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है क्योंकि इससे कोयले पर निर्भरता कम होती है और प्रदूषण घटता है।
युवाओं के करियर विकल्पों पर बात करते हुए सुयश ने कहा कि आज के समय में कई युवा नौकरी के बजाय स्टार्टअप की ओर आकर्षित हो रहे हैं, लेकिन यह राह आसान नहीं है। उन्होंने बताया कि बिजनेस में समय, मेहनत और धैर्य की अधिक जरूरत होती है, क्योंकि यह 9 से 5 की नौकरी नहीं होती। इसके बावजूद, अगर किसी के पास सही विजन, मेहनत करने का जज़्बा और लोगों के साथ अच्छे संबंध बनाने की क्षमता है, तो वह इस क्षेत्र में सफल हो सकता है।





