मध्य प्रदेश के ग्वालियर से ‘पिटटुक’ ब्रांड की फाउंडर रिया शर्मा ने फैशन इंडस्ट्री में सस्टेनेबिलिटी की एक नई मिसाल पेश की है। विदेश में फैशन मैनेजमेंट की पढ़ाई के दौरान उन्होंने टेक्सटाइल वेस्ट की गंभीर समस्या को करीब से समझा और उसी अनुभव को भारत में एक स्टार्टअप के रूप में बदल दिया। आज उनका ब्रांड फैब्रिक वेस्ट को उपयोगी और आकर्षक प्रोडक्ट्स में बदलने का काम कर रहा है।
रिया बताती हैं कि शुरुआत छोटे स्तर से हुई, जब उन्होंने स्थानीय बुटीक और टेलर्स से बची हुई कपड़े की कतरनों को इकट्ठा करना शुरू किया। इन छोटे-छोटे फैब्रिक पीस को कलर और साइज के हिसाब से अलग कर उन्होंने हेयर एक्सेसरीज जैसे प्रोडक्ट्स बनाए। धीरे-धीरे इस आइडिया को विस्तार मिला और अब वे कॉर्पोरेट गिफ्टिंग के लिए हैंडमेड डायरीज़, पोटली और अन्य प्रोडक्ट्स भी तैयार कर रही हैं।
उन्होंने आगे बताया कि टेक्सटाइल इंडस्ट्री में बड़ी मात्रा में ‘डेड स्टॉक’ और रिजेक्टेड फैब्रिक बेकार चला जाता है। इस समस्या को अवसर में बदलते हुए रिया ने एक्सपोर्ट हाउसेस से संपर्क कर इन कपड़ों को कम कीमत पर लेना शुरू किया। अब उनके पास बड़े फैब्रिक पीस उपलब्ध हैं, जिनसे वे हैंडबैग और टोबैग जैसे नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करने की तैयारी में हैं। उनका उद्देश्य न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण है, बल्कि सस्टेनेबल फैशन को एक मजबूत विकल्प बनाना भी है।





