नई दिल्ली। हरियाणा विधानसभा चुनाव में अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस के आरोपों के बाद, चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण ने कांग्रेस को असहज कर दिया, जिससे उसने अदालत का रुख करने की चेतावनी दी थी। अब चुनाव आयोग कांग्रेस के नए पत्र को अपनी जीत मान रहा है, जिसमें कांग्रेस ने आयोग के स्पष्टीकरण पर कोई आपत्ति नहीं जताई है। आयोग का कहना है कि कांग्रेस इस जवाब से संतुष्ट है और अब चुनाव प्रक्रिया पर कोई सवाल नहीं उठाएगी। साथ ही, आयोग ने कांग्रेस से अपने दृष्टिकोण में बदलाव करने की सलाह दी है।
ईवीएम पर कांग्रेस की आपत्ति
हरियाणा चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस ने कुछ ईवीएम पर सवाल उठाए थे। इसके जवाब में आयोग ने कांग्रेस को विस्तृत स्पष्टीकरण दिया और आरोप लगाया कि कांग्रेस के सवालों से चुनाव प्रक्रिया में अव्यवस्था फैल सकती थी। इस आरोप पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी और अदालत का दरवाजा खटखटाने की धमकी दी थी।
शनिवार को आयोग ने कांग्रेस के पत्र का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस ने हरियाणा चुनाव के संबंध में आयोग के स्पष्टीकरण पर कोई नया सवाल नहीं उठाया है, जिससे स्पष्ट है कि आयोग द्वारा कांग्रेस के आरोपों को खारिज करने पर वह सहमत है। अधिकारियों के अनुसार, कांग्रेस के नए पत्र में एकमात्र नया मुद्दा यह था कि पूर्व चुनाव आयुक्त द्वारा 2019 के चुनावों में दर्ज असहमति को सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया।
सुनवाई की मांग
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर कहा कि 9 अक्टूबर 2024 को हरियाणा चुनाव में उठाए गए मुद्दों पर कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल द्वारा दी गई गंभीर चिंताओं का 29 अक्टूबर 2024 को आयोग से जवाब मिला।
जयराम रमेश ने यह भी कहा कि आयोग का दायित्व है कि वह इन चिंताओं को सुने। अगर आयोग सुनवाई या शिकायतों पर विचार से इनकार करता है, तो कानून के तहत उच्च न्यायालय के अधिकार का सहारा लेकर आयोग को इस कार्य के लिए बाध्य किया जा सकता है।





