मध्य प्रदेश के इंदौर से ‘इंदौरी छायाकार’ के नाम से पहचाने जाने वाले कैंडिड फोटोग्राफर कृष्णा वर्मा ने अपने बचपन के शौक को अब पेशे में बदल दिया है। पेशे से फाइनेंशियल एडवाइजर रहे कृष्णा ने कभी नहीं सोचा था कि फोटोग्राफी उनका करियर बनेगी, लेकिन आज वे लोगों की ज़िंदगी के खास पलों को कैमरे में कैद कर एक अलग पहचान बना रहे हैं।
कृष्णा वर्मा बताते हैं कि फोटोग्राफी हमेशा से उनकी हॉबी रही, लेकिन करीब 8–10 महीने पहले उन्होंने इसे प्रोफेशनल रूप से शुरू करने का फैसला लिया। 14 मार्च से उन्होंने नियमित रूप से फोटोशूट करना और सोशल मीडिया पर काम साझा करना शुरू किया। शुरुआत में उन्होंने 90 दिनों तक लगातार इंस्टाग्राम पर फोटो पोस्ट करने का लक्ष्य रखा। दोस्तों, परिवारों, बच्चों और कपल्स के साथ शूट करते-करते उन्हें एक फैशन शो कवर करने का मौका मिला, जहां रागिनी खन्ना भी मौजूद थीं। इसके बाद उनके काम को नई पहचान मिली और लोग खुद उनसे शूट के लिए संपर्क करने लगे।
कैंडिड फोटोग्राफी को लेकर कृष्णा का मानना है कि असली तस्वीर वही होती है जिसमें इंसान स्वाभाविक रूप में हो, बिना पोज़ दिए। वे कहते हैं कि उनकी कोशिश रहती है कि हर व्यक्ति को उसकी ऐसी तस्वीर मिले, जिसे देखकर वह खुद को एक नए अंदाज़ में देख सके। उनके अनुसार, फोटोग्राफी सिर्फ फोटो लेना नहीं, बल्कि यादों को खूबसूरत रूप में संजोना है। वे शूट में कभी जल्दबाज़ी या कंजूसी नहीं करते, क्योंकि हर तस्वीर किसी की जिंदगी की खास याद होती है।
तकनीक के बदलते दौर पर बात करते हुए कृष्णा कहते हैं कि आज के हाईटेक कैमरों और एडिटिंग टूल्स ने काम आसान जरूर किया है, लेकिन असली कला अब भी लाइट, एंगल और फोटोग्राफर की समझ पर निर्भर करती है। इंदौर जैसे शहर में बढ़ती क्रिएटिव इंडस्ट्री को वे एक बड़ा अवसर मानते हैं। उनका सपना है कि वे हर क्लाइंट के दिल में अपनी जगह बनाएं और ऐसी तस्वीरें दें, जो सालों बाद भी उसी एहसास के साथ याद की जाएं।





