मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से भारत स्टोरी टेलर्स फाउंडेशन के संस्थापक अविरल पवार ने अपनी सुरक्षित इंजीनियरिंग करियर को छोड़कर कहानी कहने को अपना पूर्णकालिक पेशा बना लिया। पहले वे बीएचईएल में सीनियर प्रोडक्शन इंजीनियर के रूप में कार्यरत थे, लेकिन भीतर की रचनात्मक ऊर्जा और संवाद की चाहत ने उन्हें एक नई दिशा दी। आज वे स्टोरीटेलिंग को केवल कला नहीं, बल्कि प्रभावी संचार और नेतृत्व का सशक्त माध्यम मानते हैं।
बालाघाट जिले के मलाजखंड क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले अविरल पवार ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई भोपाल से की और 2016 में बीएचईएल जॉइन किया। प्रोडक्शन इंजीनियर के रूप में शॉप फ्लोर की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने महसूस किया कि तकनीकी दक्षता के साथ मजबूत कम्युनिकेशन स्किल्स भी उतनी ही जरूरी हैं। इसी खोज ने उन्हें पब्लिक स्पीकिंग की ओर प्रेरित किया और वे एक अंतरराष्ट्रीय संगठन से जुड़े, जहाँ उन्होंने नेतृत्व की कई भूमिकाएँ निभाईं। हालांकि, उन्हें लगा कि स्थानीय संस्कृति और हिंदी भाषी समाज के अनुरूप एक स्वतंत्र मंच की आवश्यकता है।
इसी सोच के साथ वर्ष 2023 में उन्होंने भोपाल स्टोरीटेलर्स क्लब की स्थापना की, जिसे आगे बढ़ाकर “भारत स्टोरी टेलर्स फाउंडेशन” के रूप में पंजीकृत किया गया। इस फाउंडेशन के अंतर्गत यंग लीडर्स क्लब जैसे कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जहाँ 10 से 17 वर्ष के बच्चे नेतृत्व, व्यक्तित्व विकास और प्रभावी संवाद की कला सीखते हैं। इसके अलावा प्रोफेशनल स्टोरीटेलर्स के लिए नियमित थीम आधारित बैठकें और भोपाल स्टोरीटेलिंग फेस्टिवल जैसे आयोजन भी किए जाते हैं।
अविरल पवार का मानना है कि स्टोरीटेलिंग केवल मंच पर कहानी सुनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जटिल विषयों को सरल और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने का माध्यम है। वे कहते हैं कि “गंभीर बातों को बिना गंभीर दिखे कहना ही असली कला है।” उन्होंने स्टोरीटेलिंग को म्यूजिक, हीलिंग और एस्ट्रोनॉमिकल अनुभवों से भी जोड़ा है, ताकि यह एक संपूर्ण अनुभव बन सके। आने वाले समय में वे इसे देशव्यापी आंदोलन के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम कर रहे हैं, जहाँ हर व्यक्ति अपनी कहानी कहने और सुनने का मंच पा सके।





