जबलपुर। भाजपा के साथ शहर के मतदाता भी कांग्रेस से जबलपुर लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी की घोषणा होने का इंतजार कर रहे हैं। पहले पार्टी हाईकमान में कमल नाथ को जबलपुर लोकसभा से चुनाव मैदान में उतारने की चर्चा थी लेकिन कमल नाथ ने खुद ही छिंदवाड़ा में इन अटकलों पर विराम लगा दिया। उन्होंने साफ कर दिया कि वो छिंदवाड़ा से बाहर कहीं नहीं जाएंगे। कमलनाथ के बयान के बाद जबलपुर में उनके समर्थक जो खुद टिकट के लिए प्रयासरत थे वो सक्रिय हो गए हैं। कई पूर्व विधायक तो टिकट की चाह में दिल्ली हाई कमान के पास अपना बायोडाटा लेकर पहुंच गए है इधर पार्टी ने सर्वे के आधार पर प्रत्याशी का चयन की प्रक्रिया की है।
एकाएक पार्टी हाई कमान के पास कई नाम पहुंच रहे हैं जिसमें विधानसभा चुनाव में पराजित नेता भी शामिल हैं। अब ये दावेदार कमल नाथ के चुनावी मैदान में उतरने की अटकलों को लेकर अपनी दावेदारी को लेकर कुछ भी साफ नहीं कह पा रहे थे लेकिन अब उनका असमंजस भी खत्म हो गया है। कई नेताओं ने अपने बायोडाटा तक प्रदेश के साथ पार्टी हाई कमान के पास भेजना शुरू कर दिया है।
भाजपा ने लोकसभा चुनाव के लिए ब्राम्हण चेहरा दिया है। जिसे संगठन किसान नेता के तौर पर पेश कर रहा है इधर कांग्रेस भी मुकाबला कड़ा करने के लिए जातिगत समीकरण को तलाश रही है। ओबीसी और ब्राम्हण चेहरे को लेकर संभावनाओं को देखा जा रहा है। इस मामले में प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस के नेताओं से भी चर्चा की जा रही है। पार्टी ऐसे नेता को मैदान में उतारना चाह रही है जो सभी के बीच सर्वमान्य हो और जमीनी स्तर पर उसकी पकड़ मजबूत हो। शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाता उसे पहचानते हो।





