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Home » तेलंगाना में मतदान खत्म होने के बाद पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को लेकर एग्जिट पोल आ गए हैं। राजस्थान, मध्य प्रदेश के एग्जिट पोल अनुमान के मुताबिक सत्ता के लिए कांटे की टक्कर होने का अनुमान है। गौरतलब है कि मिजोरम में 7 नवंबर, छत्तीसगढ़ में दो चरणों में 7 नवंबर और 17 नवंबर, मध्यप्रदेश में 17 नवंबर, राजस्थान में 25 नवंबर को मतदान संपन्न हुए थे।

तेलंगाना में मतदान खत्म होने के बाद पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को लेकर एग्जिट पोल आ गए हैं। राजस्थान, मध्य प्रदेश के एग्जिट पोल अनुमान के मुताबिक सत्ता के लिए कांटे की टक्कर होने का अनुमान है। गौरतलब है कि मिजोरम में 7 नवंबर, छत्तीसगढ़ में दो चरणों में 7 नवंबर और 17 नवंबर, मध्यप्रदेश में 17 नवंबर, राजस्थान में 25 नवंबर को मतदान संपन्न हुए थे।

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मिजोरम का एग्जिट पोल कुछ इस तरह

पूर्वोत्तर भारतीय राज्य मिजोरम के एग्जिट पोल अनुमान के मुताबिक एमएनएफ को 10-14 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस को 5-9 सीटें मिलने के आसार हैं। भाजपा जनाधार तलाशती दिख रही है। बीजेपी को 0-2 सीटें मिलने का अनुमान है। अन्य के खाते में 15-25 सीटें जा सकती हैं।

इंडिया टीवी सीएनएक्स के एग्जिट पोल के मुताबिक एमएनएफ 14-18 सीटें जीतेगी। कांग्रेस को 8-10 सीटें मिलेंगी। भाजपा को 0-2 सीट मिल सकती है। अन्य और निर्दलीय के खाते में 12-16 सीटें जानें का अनुमान है।
मिजोरम में एबीपी-सी वोटर के एग्जिट पोल के मुताबिक एमएनएफ को 14-18 सीटें मिलने का अनुमान है। कांग्रेस को 8-10 सीटें मिल सकती हैं। भाजपा को 0-2 सीटें मिल सकती हैं। जेपीएम को 12-16 सीटें मिल सकती हैं।
टाइम्स नाऊ-ईटीजी के एग्जिट पोल में एमएमएफ को 14-18 सीटें मिलने का अनुमान है। कांग्रेस को 8-10 सीटें मिल सकती हैं। भाजपा को 0-2 सीटें मिलने का अनुमान है। जेपीएम को 12-16 सीटें मिल सकती हैं। अन्य दलों को 0-5 सीटें मिलने का अनुमान है।

छत्तीसगढ़ का एग्जिट पोल कुछ इस तरह

जन की बात के एग्जिट पोल में भी छत्तीसगढ़ में कांटे की टक्कर होगी। कांग्रेस को 34-45 सीटें मिलने का अनुमान है। भाजपा को 42-53 सीटें मिलने का अनुमान है। अन्य को तीन सीटें मिले सकती हैं।

टीवी 5 न्यूज के अनुमान के मुताबिक कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत मिलेगा। पार्टी 56-64 सीटें जीतने में सफल होगी। भाजपा को 29 से 39 सीटें मिलने का अनुमान है। अन्य और निर्दलीय के खाते में 0-2 सीटें जा सकती हैं।
एबीपी और सी वोटर के सर्वे में कांग्रेस को 41 से 53 सीटें मिलेंगी। भाजपा को 36 से 48 सीटें मिलने का अनुमान है। अन्य के खाते में 0-4 सीटें जा सकती हैं।
न्यूज-24 और टुडेज चाणक्या के एग्जिट पोल अनुमान में कांग्रेस को 57 सीटें मिल सकती हैं। भाजपा को 33 सीटें मिलेंगी। अन्य के खाते में एक भी सीट नहीं जाएगी।
रिपब्लिक और मैट्रिज के अनुमान के मुताबिक छत्तीसगढ़ में कांग्रेस और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर हो सकती है। कांग्रेस को 44 से 52 सीटें मिल सकती हैं। भाजपा को 34 से 42 सीटें मिलने का अनुमान है। अन्य को 0-2 सीटें मिलने का अनुमान है।
टीवी-9 पोल स्ट्रैट के अनुमान के अनुसार कांग्रेस को 40-50 सीटें मिल सकती हैं। भाजपा को 35-45 सीटें मिल सकती हैं। अन्य को 0-3 सीटें मिल सकती हैं।
टाइम्स नाऊ और ईटीजी के सर्वे में कांग्रेस को 48-56 सीटें मिलने का अनुमान है। इस सर्वे के मुताबिक भाजपा को 32-40 सीटें, जबकि अन्य के खाते में 2-4 सीटें जा सकती हैं।

राजस्थान का एग्जिट पोल कुछ इस तरह

जन की बात के एग्जिट पोल के अनुसार राजस्थान में कांग्रेस को केवल 62-85 सीटें मिलने का अनुमान है। भाजपा को 100-122 सीटें मिल सकती हैं। अन्य दलों के खाते में 14-15 सीटें जाने का अनुमान है।

आज तक एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल में राजस्थान में कांग्रेस को 86-106 सीटें मिलने का अनुमान है। भाजपा 80-100 सीटें जीत सकती है। अन्य के खाते में 9-18 सीटें जा सकती हैं।
टीवी-9 भारतवर्ष और पोल स्ट्रैट के एग्जिट पोल में कांग्रेस को 90-100 सीटें मिलने का अनुमान है। भाजपा के खाते में 100-110 सीटें जा सकती हैं। अन्य और निर्दलीय उम्मीदवारों को 5-15 सीटें मिलने का अनुमान है।
टाइम्स नाऊ ईटीजी के एग्जिट पोल में कांग्रेस को 56-72 सीटें मिलने का अनुमान है। भाजपा को 108-128 सीटें मिल सकती हैं। अन्य के खाते में 13-21 सीटें जा सकती हैं।
रिपब्लिक पी मार्क के एग्जिट पोल में कांग्रेस की सरकार को तगड़ा झटका लगने के आसार हैं। इसके मुताबिक कांग्रेस को केवल 69-91 सीटें मिल सकती हैं। भाजपा को 105-125 सीटें मिलने का अनुमान है। अन्य की झोली में 5-15 सीटें जाएंगी।
राजस्थान में इंडिया टीवी सीएनएक्स के एग्जिट पोल के मुताबिक इंडिया टीवी सीएनएक्स के एग्जिट पोल में कांग्रेस को 94-104 सीटें मिलने का अनुमान है। भाजपा केवल 80 से 90 सीटों पर सिमटती दिख रही है। अन्य के खाते में 14-18 सीटें जा सकती हैं।
रिपब्लिक मैट्रिज के अनुमान के मुताबिक कांग्रेस 65-75 सीटें जीत सकती है। भाजपा को 115-130 सीटें मिलने का अनुमान है। अन्य की झोली में 12-19 सीटें जा सकती हैं।
दैनिक भास्कर के एग्जिट पोल में भाजपा को 98 से 105 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। कांग्रेस को 85-95 सीटें मिल सकती हैं। अन्य के खाते में 10-15 सीटों का अनुमान है।
एबीपी सी वोटर के अनुसार, कांग्रेस को 71-91 सीटों पर जीत मिल सकती है।भाजपा को 94-114 सीटें मिलने का अनुमान है। अन्य की झोली में 9-19 सीटें जा सकती हैं।

मध्यप्रदेश का एग्जिट पोल कुछ इस तरह

रिपब्लिक-मैट्रिज के एग्जिट पोल में मध्य प्रदेश में भाजपा को 118-130 सीटें मिलने का अनुमान है। कांग्रेस को 97-107 सीटें मिल सकती हैं। अन्य को 0-2 सीटें मिलने का अनुमान है। इन अनुमानों के मायने हैं कि मध्य प्रदेश में भाजपा को बहुमत मिलेगा। बता दें कि मध्य प्रदेश में 230 विधानसभा सीटें हैं। बहुमत का आंकड़ा 116 है।

जन की बात के अनुमान के मुताबिक मध्य प्रदेश में भाजपा को 100-123 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस को 102-125 सीटें मिल सकती हैं। अन्य की झोली में 0-5 सीटें जा सकती हैं।
टीवी-9 पोल स्ट्रैट के मुताबिक भाजपा को 106 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस को 111-121 सीटें मिल सकती हैं। अन्य की झोली में 0-6 सीटें जा सकती हैं।
न्यूज-24-टुडेज चाणक्या के अनुमान के मुताबिक भाजपा प्रचंड बहुमत हासिल कर सकती है। पार्टी को 151 सीटें मिलने का अनुमान है। कांग्रेस महज 74 सीटों पर सिमट सकती है। अन्य के खाते में 5 सीटें जा सकती हैं।
मध्य प्रदेश में टाइम्स नाउ-ईटीजी के एग्जिट पोल में भाजपा को 105-117 सीटें मिलने का अनुमान है। कांग्रेस को 109-125 सीटें मिल सकती हैं। अन्य दलों को 1-5 सीटें मिलने का अनुमान है।
इंडिया टीवी और सीएनएक्स के अनुसार भाजपा को 140-149 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस को 70-89 सीटें मिल सकती हैं। बहुजन समाज पार्टी अधिकतम 15 सीटें जीत सकती है।
दैनिक भास्कर के एग्जिट पोल के मुताबिक भाजपा को 95-115 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस को 105-120 सीटें मिल सकती हैं। बसपा को अधिकतम 15 सीटें मिल सकती हैं।

तेलंगाना का एग्जिट पोल कुछ इस तरह

मतदान खत्म होने के साथ ही तेलंगाना का एग्जिट पोल आ चुका है। कांग्रेस को लीड मिलने की संभावना है। जन की बात के एग्जिट पोल में 48-64 सीटें मिलने की संभावना है। बीआरएस पिछड़ सकती है। इस सर्वे के मुताबिक मुख्यमंत्री केसीआर को 40-45 सीटें मिल सकती हैं। पहली बार भाजपा दोहरे अंकों में जा सकती है। भाजपा 7-13 सीटें जीत सकती है।

तेलंगाना में इंडिया टीवी सीएनएक्स के अनुमान के मुताबिक सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति (BRS) को 31-47 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस को 63-79 सीटें मिल सकती हैं। भाजपा को महज दो-चार सीटें मिलने का अनुमान है। अन्य की झोली में 5-7 सीटें जा सकती हैं।
टाइम्स नाऊ ईटीजी के एग्जिट पोल में बीआरएस को 37-45 सीटें मिलेंगी। कांग्रेस को 60-70 सीटें मिल सकती हैं। भाजपा को 6-8 सीटें मिलने का अनुमान है। अन्य की झोली में 5-7 सीटें जा सकती हैं।
न्यूज-24 और टुडेज चाणक्या के एग्जिट पोल के मुताबिक बीआरएस को 33 सीटें मिलने का अनुमान है। कांग्रेस को 71 सीटें, जबकि भाजपा को सात सीटें मिलने का अनुमान है। अन्य और निर्दलीय की झोली में आठ सीटें जा सकती हैं।

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चंचल गोयल, अभिभावक, ग्वालियर, एमपी

मैंने अपने 15 साल के शिक्षा के क्षेत्र में अनुभव के आधार पर देखा है कि प्राइमरी टीचर्स की बॉन्डिंग बच्चों के साथ बहुत अच्छी होती है।  यह उम्र के बच्चे अपने टीचर्स को फॉलो करते हैं और पेरेंट्स से भी लड़ जाते हैं। इसलिए, स्कूल और टीचर्स पर बड़ी जिम्मेदारी होती है कि वे बच्चों को खुश रखें।

अगर बच्चा अच्छा परफॉर्म करने लगे, तो पेरेंट्स उसे अपना हक मान लेते हैं। पेरेंट्स को विश्वास करना चाहिए कि जिस स्कूल में उन्होंने दाखिला कराया है, वह बच्चों के लिए सही है। लेकिन अपने बच्चों का रिजल्ट किसी और के बच्चे से कंपेयर नहीं करना चाहिए। आजकल के पेरेंट्स समझदार हैं और जानते हैं कि बच्चों को कैसी शिक्षा देनी है। किसी भी समस्या के लिए वे सीधे टीचर से बात कर सकते हैं, जिससे समस्या का समाधान जल्दी हो सके।

प्रियंका जैसवानी चौहान, हेड मिस्ट्रेस, बिलाबोंग हाई इंटरनेशनल स्कूल, ग्वालियर, एमपी

जुलाई का सत्र बच्चों के लिए महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यह सबसे बड़ा वेकेशन होता है।  पेरेंट्स को बच्चों की लास्ट सेशन की पढ़ाई का रिवीजन कराना चाहिए ताकि वे आउट ऑफ रेंज न हो जाएं। शुरुआती अध्याय बच्चों की रुचि को बनाए रखने में महत्वपूर्ण होते हैं।

आगे वे कहते हैं कि प्रेशर का नेगेटिव और पॉजिटिव दोनों प्रभाव होते हैं। आज की युवा पीढ़ी में 99% लोग बिजनेस और स्टार्टअप्स शुरू कर रहे हैं। पढ़ाई को लेकर बच्चों पर दबाव डालना गलत है, लेकिन भविष्य के लिए यह लाभदायक हो सकता है। बच्चों को गैजेट्स का सही उपयोग आना चाहिए, लेकिन उन पर पूर्णतः निर्भर होना गलत है।

तुषार गोयल, एचओडी इंग्लिश, बोस्टन पब्लिक स्कूल, आगरा, यूपी

वेकेशंस के दौरान बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह नहीं हटानी चाहिए। स्कूल द्वारा दिए गए प्रोजेक्ट्स को धीरे-धीरे  करने से पढ़ाई का दबाव नहीं बनता। जब पढ़ाई फिर से शुरू होती है, तो बच्चों को अधिक दबाव महसूस नहीं होता। आजकल स्कूल बहुत मॉडर्नाइज हो गए हैं जिससे बच्चों को हेल्दी एटमॉस्फियर और खेल-खेल में सीखने को मिलता है।

एडमिनिस्ट्रेशन को बुक्स का टाइम टेबल सही तरीके से बनाना चाहिए ताकि बच्चों पर वजन कम पड़े। स्कूल में योग और एक्सरसाइज जैसी गतिविधियाँ भी शुरू होनी चाहिए ताकि बच्चे फिट रहें और उन्हें बैक प्रेशर न हो। टीचर और पेरेंट्स के बीच का कम्यूनिटेशन गैप काम होना चाहिए। बच्चों का एडमिशन ऐसे स्कूल में करें जिसका रिजल्ट अच्छा हो, भले ही उसका नाम बड़ा न हो।

डॉ. नेहा घोडके, अभिभावक, ग्वालियर, एम

बच्चों को पढ़ाई की शुरुआत खेलते-कूदते करनी चाहिए ताकि उन्हें बोझ महसूस न हो। पेरेंट्स की अपेक्षाएं आजकल बहुत बढ़ गई हैं,  लेकिन हर बच्चा समान नहीं होता। बच्चों को अत्यधिक दबाव में न डालें, ताकि वे कोई गलत कदम न उठाएं। वे आगे कहती हैं कि आजकल बच्चे दिनभर फोन का उपयोग करते रहते हैं, और पेरेंट्स उन्हें फोन देकर उनसे छुटकारा पाना चाहते हैं। पेरेंट्स को बच्चों पर ध्यान देना चाहिए और उन्हें कम से कम समय के लिए फोन देना चाहिए।

दीपा रामकर, टीचर, माउंट वर्ड स्कूल, ग्वालियर, एमपी

हमारे स्कूल में पारदर्शिता पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। आजकल के समय में पेरेंट्स अपने काम में व्यस्त रहते हैं और बच्चों की पढ़ाई पर समय कम दे पाते हैं। स्कूल द्वारा टेक्नोलॉजी की मदद से बच्चों का होमवर्क पेरेंट्स तक पहुँचाया जाता है ताकि वे बच्चों पर ध्यान दे सकें।

पेरेंट्स को बच्चों को गैजेट्स देते वक्त ध्यान रखना चाहिए की वह उसका कितना इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्हें मोबाइल का कम से कम उपयोग करने देना चाहिए। अगर आप अपने बच्चों के सामने बुक रीड करेंगे तो बच्चा भी बुक रीड करने के लिए प्रेरित होगा।

दीक्षा अग्रवाल, टीचर, श्री राम सेंटेनियल स्कूल, आगरा, यूपी

वर्तमान समय में बच्चों को पढ़ाने की तकनीक में बदलाव आया है, आजकल थ्योरी से ज्यादा प्रैक्टिकल बेस्ड लर्निंग पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। आजकल पेरेंट्स भी पहले से बेहद अवेयर हैं, क्योंकि अब बच्चों के करियर पॉइंट ऑफ व्यू से कई विकल्प हमारे सामने होते हैं जरूरी है कि पेरेंट्स बच्चों के साथ प्रॉपर कम्युनिकेट करें।

अंकिता राणा, टीजीटी कोऑर्डिनेटर, बलूनी पब्लिक स्कूल, दयालबाग, आगरा, यूपी

वर्तमान समय में बच्चों को पढ़ाने की तकनीक में बदलाव आया है, आजकल थ्योरी से ज्यादा प्रैक्टिकल बेस्ड लर्निंग पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। आजकल पेरेंट्स भी पहले से बेहद अवेयर हैं, क्योंकि अब बच्चों के करियर पॉइंट ऑफ व्यू से कई विकल्प हमारे सामने होते हैं जरूरी है कि पेरेंट्स बच्चों के साथ प्रॉपर कम्युनिकेट करें।