मथुरा में श्री कृष्ण जन्मभूमि परिसर स्थित शाही ईदगाह मस्जिद के सर्वे को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला आ गया है। कोर्ट ने शाही ईदगाह मस्जिद के विवादित स्थल पर सर्वे को मंजूरी दे दी है। मंजूरी आते ही देश के राजनीतिक दलों ने भी अपनी प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया ने कहा कि इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा जो फैसला लिया गया है। उससे करोड़ों सनातनियों में खुशी की लहर है।
काशी विश्वनाथ के बाद में मथुरा के लिए भी सर्वे के आदेश होना हम न्यायपालिका के रास्ते अपने बचे हुए दोनों सपनों को जल्दी ही पूरा करेंगे। मैं कह सकता हूं जो लोग विरोध कर रहे हैं, अर्जी लेकर अदालत में खड़े हैं, सर्वे नहीं होना चाहिए। वह क्या कहना चाहते हैं समझ से परे है। क्या हम साढ़े तीन सदी पहले के किसी गुलामी के चिन्ह को ढोने के लिए मजबूर है हिंदुस्तान के लोग। हमारे भगवान के मंदिर को जमींदोज करके कोई अतिक्रमण खड़ा कर दिया गया।
उसे नहीं हटाया जाना चाहिए। और इसलिए किसी स्वतंत्र देश में गुलामी की चिन्ह को रखने की कोई इजाजत नहीं दी जा सकती। जो लोग इसे मस्जिद का रहे हैं वह बेईमानी है, ईदगाह कहते हैं बेईमानी है। किसी परधर्म के स्थान पर मस्जिद बनाना उन्हीं के मजहब में ईमान के खिलाफ बोला गया है। नहीं है वह धर्मस्थल। और इसलिए हम अपने सपने को जल्दी पूरा करेंगे। राम जन्मभूमि के लिए खून बहाना पड़ा मगर न्याय पालिका के जरिए हमें इन दोनों सपनों के लिए न्याय मिलेगा।





