नई दिल्ली। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भाजपा ने अपना कमल खिला दिया है और अब सीएम कौन बनेगा इसकी घोषणा भी जल्द कर दी जाएगी। इस बीच कांग्रेस नेता और राजस्थान के कार्यवाहक सीएम अशोक गहलोत ने शनिवार को तीन राज्यों के सीएम चेहरों की घोषणा में भाजपा की देरी को लेकर आलोचना की। उन्होंने कहा कि ‘इस पार्टी में कोई अनुशासन नहीं है।
समाचार एजेंसी से बात करते हुए अशोक गहलोत ने बीजेपी की आलोचना करते हुए कहा, ‘इस पार्टी में कोई अनुशासन नहीं है। अगर हमने भी ऐसा किया होता तो पता नहीं वे हम पर क्या आरोप लगाते और लोगों को गुमराह करते। उन्होंने चुनावों का ध्रुवीकरण किया। हम नई सरकार के साथ सहयोग करेंगे।’
गहलोत ने कहा कि गोगामेड़ी मामले में, मुझे एनआईए जांच पर एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर करना पड़ा। यह नए सीएम द्वारा किया जाना चाहिए था। अब सात दिनों से वे (भाजपा) एक मुख्यमंत्री का चयन नहीं कर पाए हैं, मैं चाहता हूं कि वे जल्द फैसला लें।
गहलोत ने भाजपा पर धार्मिक मुद्दों को उठाकर और लोगों का ध्रुवीकरण करके राज्य में विधानसभा चुनाव जीतने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनावों का ध्रुवीकरण किया, वे तीन तलाक, अनुच्छेद 370 को निरस्त करना, कन्हैया लाल की हत्या जैसे मुद्दे लाए और झूठ फैलाया कि मुसलमानों को 50 लाख और हिंदुओं को केवल 5 लाख दिए गए। गहलोत ने ये भी कहा कि भाजपा ने झूठ फैलाकर चुनाव जीता। हालांकि, वे फिर भी नई सरकार के साथ सहयोग करेंगे।
इस बीच, हाल के राजस्थान विधानसभा चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन का आकलन करने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इस बैठक के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी सांसद राहुल गांधी दिल्ली में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) मुख्यालय पहुंचे हैं।
बैठक में हिस्सा लेने के लिए राजस्थान कांग्रेस के नेता गोविंद सिंह डोटासरा भी दिल्ली पहुंचे हैं। उन्होंने आगामी लोकसभा चुनावों के लिए कमियों का विश्लेषण करने और सुधार करने पर पार्टी का ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा, ‘हम उन कारणों पर विचार-विमर्श करेंगे कि हम राज्य में सत्ता में क्यों लौट सकते हैं। हम अपनी कमियों का विश्लेषण करेंगे और आगामी लोकसभा चुनावों के लिए सुधार करेंगे।’





