नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के दौरे में चुनाव आयोग संतुष्ट हुआ तो लोकसभा के साथ ही वहां विधानसभा चुनाव का भी ऐलान हो सकता है। आयोग ने फरवरी के अंत तक या मार्च के पहले हफ्ते में राज्य की चुनावी तैयारियों को जांचने का कार्यक्रम बनाया है। इससे पहले राज्य के आला अधिकारियों से तैयारियों से जुड़ी जानकारी साझा करने को भी कहा है।
चुनाव आयोग ने जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनाव को लेकर यह सक्रियता तब दिखाई है, जब राज्य विधानसभा चुनाव को लेकर लंबे समय से इंतजार है। राज्य की विधानसभा सीटों को लेकर चल रहे परिसीमन व मतदाता सूची का पुनरीक्षण पूरा हो चुका है।
आयोग से जुड़े सूत्रों की मानें तो लोकसभा के साथ ही राज्य की विधानसभा चुनाव से जुड़ी तैयारियों को जांचने के लिए जल्द ही आयोग की टीम जम्मू-कश्मीर का दौरा करेगा। जो फरवरी के अंत में या मार्च के पहले हफ्ते में जा सकती है। इससे पहले आयोग ने चुनावी तैयारियों से जुड़े राज्य के आला अधिकारियों से सारी जानकारी मांगी है। लोकसभा चुनाव के साथ देश के जिन चार राज्यों के विधानसभा चुनाव होने है, उनमें ओडिशा, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम शामिल है।
आयोग की ओर से इस बीच जिस तरह के संकेत मिल रहे है, उसके तहत लोकसभा चुनाव की घोषणा 10 से 12 मार्च के बीच कभी भी हो सकती है। आयोग ने इसे लेकर अपनी तैयारियां भी तेज कर दी है। प्रमुख चुनावी राज्यों के दौरा भी शुरू कर दिया है। मतदाता सूची की अंतिम सूची प्रकाशित कर दी गई है। गौरतलब है कि 2019 में लोकसभा चुनाव के साथ चार राज्यों के विधानसभा चुनाव का ऐलान 10 मार्च को किया गया था।





