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भारतीय जनता युवा मोर्चा विश्व का सबसे बड़ा युवा संगठन – राजू बिस्ता

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नई दिल्ली। देश के पांच राज्यों में अभी विधानसभा चुनाव का दौर चल रहा है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियां अपनी-अपनी जीत का दावा कर रही हैं। ऐसे में दार्जिलिंग से भाजपा सांसद, भाजपा प्रवक्ता एवं भाजयुमो के राष्ट्रीय महामंत्री राजू बिस्ता ने डीबी न्यूज़ नेटवर्क के एडिटर इन चीफ दिव्य सहगल से बातचीत के दौरान देश के पांचो राज्यों में बीजेपी की सरकार बनने का दावा किया है। और कांग्रेस पर निशाना साधा है। इस दौरान भारतीय युवा मोर्चा को लेकर भी उन्होंने कई अहम बातें कही।

भारत युवाओं का देश, युवा ही देश का भविष्य
भाजपा सांसद राजू बिस्ता ने कहा कि भारत युवाओं का देश है। हमारे देश के युवा, वर्तमान और भविष्य के लिए हमारी पूंजी हैं और भारतीय जनता युवा मोर्चा विश्व का सबसे बड़ा यूथ की विंग है। हमारा संगठन राष्ट्रीय, प्रदेश और जिला स्तर से लेकर मंडल लेवल तक कार्य करता है। इस बार हमने तय किया है कि युवाओं को ज्यादा से ज्यादा हमारे कामों के बारे में बताया जाए, 2024 के आमचुनाव में युवाओं की भागीदारी बहुत बड़ी होने वाली है। क्योंकि हर असेंबली सीट के लिए 20 से 25 हजार मतदाता हर बार जुड़ते है। 80000 से लेकर 1 लाख 25 हजार नए वोटर हर बार लोकसभा में जुड़ते हैं।

हमारा पहला काम यह है कि हम अपने संगठन को और सशक्त करें, राष्ट्रीय, प्रदेश और जिला स्तर पर हमारी बहुत अच्छी टीम है, जिला अध्यक्ष से लेकर उनकी पूरी कार्यकारिणी बहुत अच्छी है। मंडल लेवल पर जाकर 16000 मंडल भारतीय जनता पार्टी के हैं। मंडल पर भी हमारा एक मंडल अध्यक्ष रहता है। मंडल लेवल पर टोटल 21 लोगों की टीम होती है। हमने यह तय किया है कि हमारे 16000 मंडलों में एक-एक जिले का जो कार्यकर्ता होगा या जो प्रदेश का होगा या राष्ट्र का होगा, वह 9 दिन मंडलों में रहेगा। मंडल की बैठक लेगा, सोशल मीडिया टीम को और मजबूत करेगा, मंडल के अंदर जो हमारे लाभार्थी हैं। जो यूथ लाभार्थी है उनसे हम संपर्क करेंगे, जो इनफ्लुएंसर है उनसे भी हम संपर्क करेंगे।

कांग्रेस का इतिहास जनता ने देखा है, जनता सब जानती है
पांच राज्यों के चुनाव को लेकर उन्होंने कहा पांचो राज्यों के चुनाव के परिणाम बीजेपी के पक्ष में रहेंगे। पीएम मोदी ने साढ़े 9 साल में जो काम किया है उससे देश की महिला हो या देश का यूथ उसको यह महसूस कराया है कि देश में सरकार है। सरकार बिना भ्रष्टाचार के विकास की रोड मैप पर भी सरकार चलाई जा सकती है। यह मोदी जी ने सुनिश्चित किया है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते देते हुए कहा कि इन पर डाटा नहीं है। यह लोग जो बेरोजगारी की बात करते हैं उनके पास आंकड़े नहीं है। आप जॉब के डाटा देखिए हमारे यहां इंडिविजुअल जॉब क्रिएट होते हैं । पहले 13 पर्सेंट जॉब होती थी आज मोदी जी के नेतृत्व में 18 परसेंट जॉब हो गई है। बेरोजगारी, बगैर आंकड़े के लोगों को भ्रम की स्थिति में डालने का काम कांग्रेस कर रही है। इनका तो इतिहास जनता ने देखा है। इन्होंने 60 साल से ज्यादा देश पर राज किया। कांग्रेस ने भ्रष्टाचार के अलावा कुछ किया नहीं है परिवारवाद के अलावा कुछ किया नहीं है। देश को कमजोर करने के अलावा कुछ नही किया। आज मोदी जी के नेतृत में देश का विकास भी हो रहा है और देश को सशक्त भी किया जा रहा है। यह जनता के सामने है। उन्होंने कहा कि पांच राज्यों में सरकार बीजेपी की बनने वाली है। मोदी जी तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बनेंगे यह देश की जनता चाहती है। देश का युवा इस बात को सुनिश्चित करेगा।

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चंचल गोयल, अभिभावक, ग्वालियर, एमपी

मैंने अपने 15 साल के शिक्षा के क्षेत्र में अनुभव के आधार पर देखा है कि प्राइमरी टीचर्स की बॉन्डिंग बच्चों के साथ बहुत अच्छी होती है।  यह उम्र के बच्चे अपने टीचर्स को फॉलो करते हैं और पेरेंट्स से भी लड़ जाते हैं। इसलिए, स्कूल और टीचर्स पर बड़ी जिम्मेदारी होती है कि वे बच्चों को खुश रखें।

अगर बच्चा अच्छा परफॉर्म करने लगे, तो पेरेंट्स उसे अपना हक मान लेते हैं। पेरेंट्स को विश्वास करना चाहिए कि जिस स्कूल में उन्होंने दाखिला कराया है, वह बच्चों के लिए सही है। लेकिन अपने बच्चों का रिजल्ट किसी और के बच्चे से कंपेयर नहीं करना चाहिए। आजकल के पेरेंट्स समझदार हैं और जानते हैं कि बच्चों को कैसी शिक्षा देनी है। किसी भी समस्या के लिए वे सीधे टीचर से बात कर सकते हैं, जिससे समस्या का समाधान जल्दी हो सके।

प्रियंका जैसवानी चौहान, हेड मिस्ट्रेस, बिलाबोंग हाई इंटरनेशनल स्कूल, ग्वालियर, एमपी

जुलाई का सत्र बच्चों के लिए महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यह सबसे बड़ा वेकेशन होता है।  पेरेंट्स को बच्चों की लास्ट सेशन की पढ़ाई का रिवीजन कराना चाहिए ताकि वे आउट ऑफ रेंज न हो जाएं। शुरुआती अध्याय बच्चों की रुचि को बनाए रखने में महत्वपूर्ण होते हैं।

आगे वे कहते हैं कि प्रेशर का नेगेटिव और पॉजिटिव दोनों प्रभाव होते हैं। आज की युवा पीढ़ी में 99% लोग बिजनेस और स्टार्टअप्स शुरू कर रहे हैं। पढ़ाई को लेकर बच्चों पर दबाव डालना गलत है, लेकिन भविष्य के लिए यह लाभदायक हो सकता है। बच्चों को गैजेट्स का सही उपयोग आना चाहिए, लेकिन उन पर पूर्णतः निर्भर होना गलत है।

तुषार गोयल, एचओडी इंग्लिश, बोस्टन पब्लिक स्कूल, आगरा, यूपी

वेकेशंस के दौरान बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह नहीं हटानी चाहिए। स्कूल द्वारा दिए गए प्रोजेक्ट्स को धीरे-धीरे  करने से पढ़ाई का दबाव नहीं बनता। जब पढ़ाई फिर से शुरू होती है, तो बच्चों को अधिक दबाव महसूस नहीं होता। आजकल स्कूल बहुत मॉडर्नाइज हो गए हैं जिससे बच्चों को हेल्दी एटमॉस्फियर और खेल-खेल में सीखने को मिलता है।

एडमिनिस्ट्रेशन को बुक्स का टाइम टेबल सही तरीके से बनाना चाहिए ताकि बच्चों पर वजन कम पड़े। स्कूल में योग और एक्सरसाइज जैसी गतिविधियाँ भी शुरू होनी चाहिए ताकि बच्चे फिट रहें और उन्हें बैक प्रेशर न हो। टीचर और पेरेंट्स के बीच का कम्यूनिटेशन गैप काम होना चाहिए। बच्चों का एडमिशन ऐसे स्कूल में करें जिसका रिजल्ट अच्छा हो, भले ही उसका नाम बड़ा न हो।

डॉ. नेहा घोडके, अभिभावक, ग्वालियर, एम

बच्चों को पढ़ाई की शुरुआत खेलते-कूदते करनी चाहिए ताकि उन्हें बोझ महसूस न हो। पेरेंट्स की अपेक्षाएं आजकल बहुत बढ़ गई हैं,  लेकिन हर बच्चा समान नहीं होता। बच्चों को अत्यधिक दबाव में न डालें, ताकि वे कोई गलत कदम न उठाएं। वे आगे कहती हैं कि आजकल बच्चे दिनभर फोन का उपयोग करते रहते हैं, और पेरेंट्स उन्हें फोन देकर उनसे छुटकारा पाना चाहते हैं। पेरेंट्स को बच्चों पर ध्यान देना चाहिए और उन्हें कम से कम समय के लिए फोन देना चाहिए।

दीपा रामकर, टीचर, माउंट वर्ड स्कूल, ग्वालियर, एमपी

हमारे स्कूल में पारदर्शिता पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। आजकल के समय में पेरेंट्स अपने काम में व्यस्त रहते हैं और बच्चों की पढ़ाई पर समय कम दे पाते हैं। स्कूल द्वारा टेक्नोलॉजी की मदद से बच्चों का होमवर्क पेरेंट्स तक पहुँचाया जाता है ताकि वे बच्चों पर ध्यान दे सकें।

पेरेंट्स को बच्चों को गैजेट्स देते वक्त ध्यान रखना चाहिए की वह उसका कितना इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्हें मोबाइल का कम से कम उपयोग करने देना चाहिए। अगर आप अपने बच्चों के सामने बुक रीड करेंगे तो बच्चा भी बुक रीड करने के लिए प्रेरित होगा।

दीक्षा अग्रवाल, टीचर, श्री राम सेंटेनियल स्कूल, आगरा, यूपी

वर्तमान समय में बच्चों को पढ़ाने की तकनीक में बदलाव आया है, आजकल थ्योरी से ज्यादा प्रैक्टिकल बेस्ड लर्निंग पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। आजकल पेरेंट्स भी पहले से बेहद अवेयर हैं, क्योंकि अब बच्चों के करियर पॉइंट ऑफ व्यू से कई विकल्प हमारे सामने होते हैं जरूरी है कि पेरेंट्स बच्चों के साथ प्रॉपर कम्युनिकेट करें।

अंकिता राणा, टीजीटी कोऑर्डिनेटर, बलूनी पब्लिक स्कूल, दयालबाग, आगरा, यूपी

वर्तमान समय में बच्चों को पढ़ाने की तकनीक में बदलाव आया है, आजकल थ्योरी से ज्यादा प्रैक्टिकल बेस्ड लर्निंग पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। आजकल पेरेंट्स भी पहले से बेहद अवेयर हैं, क्योंकि अब बच्चों के करियर पॉइंट ऑफ व्यू से कई विकल्प हमारे सामने होते हैं जरूरी है कि पेरेंट्स बच्चों के साथ प्रॉपर कम्युनिकेट करें।