नई दिल्ली। समाज के सभी वर्गों की राय जानने और लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए जाति आधारित जनगणना पर उचित निर्णय लिया जाएगा। इसकी जानकारी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को दी।
शिंदे ने रेशिमबाग इलाके में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संस्थापक केबी हेडगेवार और दूसरे ‘सरसंघचालक’ एमएस गोलवलकर के स्मारकों का दौरा किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
मंगलवार को आरएसएस पदाधिकारी श्रीधर गाडगे ने कहा कि जाति आधारित जनगणना नहीं होनी चाहिए और जानना चाहा कि इससे क्या हासिल होगा।
विदर्भ सह-संघचालक गाडगे ने कहा, इस तरह की कवायद से कुछ लोगों को राजनीतिक रूप से फायदा हो सकता है क्योंकि इससे एक निश्चित जाति की आबादी के बारे में डेटा मिलेगा, लेकिन सामाजिक रूप से और राष्ट्रीय एकता के लिहाज से यह अच्छा नहीं है।
हिंदुत्व पर राजनीति के सवाल पर शिंदे ने कहा, हमारे यहां आने के पीछे कोई राजनीति नहीं है।
सीएम ने कहा कि उनकी सरकार हिंदुत्व की विचारधारा और (शिवसेना के दिवंगत संस्थापक) बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा पर बनी है।
उन्होंने कहा, विकास का यह हिंदुत्व, जैसा कि हमारे प्रधानमंत्री ने भी कहा है, सबका साथ, सबका विकास के लिए है।
शिंदे ने आगे कहा कि उनकी सरकार आम लोगों का प्रतिनिधित्व करती है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से कोई भी मिल सकता है और यह पहुंच उनकी सरकार की विशेषता है।
सीएम ने कहा, मैं भी एक आम आदमी की तरह काम करता हूं, इसलिए लोग हमें और हमारी सरकार को पसंद करते हैं।





