नई दिल्ली। केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीसन ने गुरुवार को तिरुवनंतपुरम मेयर और केएसआरटीसी बस चालक के बीच विवाद मामले में सीसीटीवी कैमरे से मेमोरी कार्ड गायब होने के पीछे राजनीतिक साजिश का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता सतीसन ने कहा, तिरुवनंतपुरम मेयर आर्य राजेंद्रन और केएसआरटीसी बस चालक के बीच विवाद के दौरान मेमोरी कार्ड गायब होना रहस्यमय है, उन्हें संदेह हो रहा है कि मेमोरी कार्ड को जानबूझकर गायब कर नष्ट कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले की भी जांच होनी चाहिए कि मेमोरी कार्ड के गायब होने के पीछे कोई राजनीतिक साजिश तो नहीं है, जो इस मामले में अहम सबूत होता। कांग्रेस नेता का बयान कैंटोनमेंट स्टेशन के पुलिस कर्मियों की टीम द्वारा केएसआरटीसी डिपो में खड़ी सुपरफास्ट बस की जांच करने के एक दिन बाद आया है। टीम मेमोरी कार्ड को प्राप्त करने में विफल रही।
मेयर और बस चालक के बीच विवाद का ये था मामला
बता दें कि पिछले शनिवार रात, पलायम जंक्शन पर केएसआरटीसी बस को ओवरटेक कर रोकने के बाद मेयर आर्य और बस चालक के बीच तीखी बहस हुई थी। मेयर का आरोप था कि चालक ने ओवरटेकिंग के दौरान उनकी गाड़ी को रास्ता नहीं दिया और पीछे बैठीं उन्हें और उनकी भाभी के प्रति चालक ने गलत इशारे किए। जिसके बाद पुलिस ने चालक को गिरफ्तार करने के कुछ ही देर बाद छोड़ दिया था। इस मामले की एक फुटेज भी वायरल हुई थी, जिसमें उनकी निजी कार सड़क पर जेबरा लाइन के पास खड़ी दिखाई दी थी।
हालांकि, मेयर राजेंद्रन ने दावा किया कि बस को रोका नहीं गया था। जब बस रेड सिग्नल क्षेत्र में रुकी थी तो उन्होंने चालक से बात की थी, ताकि वह उनके और उनकी भाभी के प्रति चालक द्वारा किए गए गलत इशारों का विरोध जता सकें। हालांकि, जिस चालक पर मामला दर्ज किया गया था, उसने आरोपों से इनकार कर दिया था।
कांग्रेस नेता सतीसन ने चालक की शिकायत के आधार पर यात्री बस को रोकने के लिए मेयर, कार सवार उनके पति और बालुसेरी विधायक सचिन देव के साथ रिश्तेदारों पर केस दर्ज नहीं करने पर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि मेयर और उनकी टीम ने बस रोकी। अपने मुद्दे उठाने के लिए विरोध प्रदर्शन करने वालों पर भी मामला दर्ज करने वाली पुलिस ने मेयर और उनके सह-यात्रियों के खिलाफ मामला दर्ज क्यों नहीं किया? क्या केरल पुलिस मेयर और विधायक के खिलाफ मामला दर्ज करने से डर रही है? नेता प्रतिपक्ष ने यह भी जानना चाहा कि क्या ऊपर से कोई मामला दर्ज न करने का निर्देश है।
दूसरे पक्ष की शिकायत को खारिज करना भेदभावपूर्ण
कांग्रेस नेता सतीसन ने कहा, यह अस्वीकार्य है कि कानून के उल्लंघन के लिए मेयर और विधायक के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। एक पक्ष की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करना और दूसरे पक्ष की शिकायत को खारिज करना भेदभावपूर्ण है।





