केरल। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केरल से लोकसभा चुनावों के लिए प्रचार अभियान की शुरुआत करते हुए भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य प्रशासन में उसका हस्तक्षेप और राज्यों की राजनीतिक स्वायत्तता को कमजोर करने का उसका प्रयास संघवाद के सिद्धांतों को कमजोर करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार योजनाबद्ध तरीके से लोकतांत्रिक संस्थानों को कमजोर कर रही है।
ईडी, सीबीआई व आयकर जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं के विरुद्ध हथियार के तौर पर किया जा रहा है। केरल कांग्रेस की ओर से आयोजित पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं की एक सभा में खरगे ने जोर देकर कहा, ‘हमें अपने अधिकारों की रक्षा करने और अपने देश के लोकतांत्रिक ताने-बाने को बचाए रखने के लिए एकजुट रहना चाहिए।
कांग्रेस पार्टी केरल में यूडीएफ गठबंधन के साथ इन हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।’ उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ दल के नेताओं में पंडित जवाहरलाल नेहरू जैसे राजनीतिक कौशल की कमी है। देश के पहले प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयां स्थापित की थीं और वर्तमान प्रधानमंत्री उन्हें खत्म कर रहे हैं। भाजपा सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र को पूरी तरह खत्म करने और सिर्फ निजी क्षेत्र को मदद उपलब्ध कराने का फैसला किया है।
देश में महंगाई और बेरोजगारी ने गरीबों, निम्न मध्यम वर्ग और मध्यम वर्ग को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में देश में मौजूद महंगाई और बेरोजगारी ने गरीबों के संघर्ष को और बदतर कर दिया है। गरीबों और रईसों की बीच की खाई दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। रईस और रईस हो रहा है एवं गरीब और गरीब होता जा रहा है।महिला सशक्तीकरण कार्यक्रम में मोदी के हालिया संबोधन का जिक्र करते हुए खरगे ने राज्य की महिलाओं से अपील की कि वे भाजपा की पैतरों से सावधान रहें।
भाजपा की विचारधारा महिलाओं के विरुद्ध है और वह संविधान का पालन नहीं करती। उन्होंने कहा कि देश में हर घंटे महिलाओं के विरुद्ध 51 अपराध रिकार्ड होते हैं, लेकिन सरकार महिलाओं, एससी-एसटी और समाज के अन्य कमजोर वर्गों के विरुद्ध अपराध करने वाले आरोपितों को बचाती है।मणिपुर हिंसा का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि राज्य में हुए दुष्कर्म और अत्याचारों ने देश को शर्मसार कर दिया। उन्होंने सवाल किया, ‘प्रधानमंत्री मोदी मणिपुर क्यों नहीं गए? जब केरल से निर्वाचित राहुल गांधी मणिपुर जा सकते हैं तो मोदी क्यों नहीं? यह देश के प्रति चिंता है।
खरगे ने मोदी सरकार पर उच्च पदों पर आरएसएस और भाजपा से संबंध रखने वाले लोगों को बिना उनकी योग्यता पर विचार किए नियुक्त करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘हमें लोकतंत्र, न्याय एवं समावेशिता के मूल्यों की रक्षा के लिए इस खतरे की पहचान और सामना करना होगा।’ खरगे ने सत्तारूढ़ माकपा पर कोई सीधा प्रहार नहीं करते हुए कहा, ‘अगर हम केरल में जीत जाते हैं तो हम भारत में जीत जाएंगे





