नई दिल्ली: कांग्रेस ने रविवार को केंद्र सरकार की एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) पर तीखा कटाक्ष करते हुए इसे मोदी सरकार का “यू-टर्न” करार दिया है। कांग्रेस ने यह टिप्पणी ऐसे समय की है जब सरकार ने हाल ही में इस योजना की घोषणा की, जिसे केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। इस योजना से 1 जनवरी 2004 के बाद सरकारी सेवा में शामिल हुए लगभग 23 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को लाभ मिलेगा, जिसमें पेंशन के रूप में उनके वेतन का 50 प्रतिशत सुनिश्चित किया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई, जो सरकारी कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करती है। इस पर कटाक्ष करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, “यूपीएस में ‘यू’ का मतलब मोदी सरकार का यू-टर्न है!” उन्होंने आगे कहा कि 4 जून के बाद से प्रधानमंत्री के सत्ता के अहंकार पर जनता की ताकत हावी हो गई है, और यह सरकार के कई नीतिगत बदलावों का उदाहरण है।
खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, “हम जवाबदेही सुनिश्चित करते रहेंगे और 140 करोड़ भारतीयों को इस निरंकुश सरकार से बचाएंगे!” नई पेंशन योजना (यूपीएस) के तहत, न्यूनतम 10 साल की सेवा के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 10,000 रुपये प्रति माह की न्यूनतम पेंशन की गारंटी दी गई है। यदि राज्य सरकारें भी इस योजना को अपनाती हैं, तो लाभार्थियों की संख्या 90 लाख तक बढ़ सकती है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा करते हुए बताया कि यूपीएस के तहत, कर्मचारी की मृत्यु की स्थिति में उसके परिवार को पारिवारिक पेंशन और महंगाई राहत दी जाएगी, जो समय-समय पर महंगाई के अनुसार समायोजित की जाएगी। इस योजना में कर्मचारियों का योगदान 10 प्रतिशत और सरकार का योगदान 18.5 प्रतिशत रहेगा। सरकार ने यह कदम उन विपक्ष शासित राज्यों के जवाब में उठाया है, जिन्होंने पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को पुनर्जीवित किया है। पुरानी पेंशन योजना को वित्तीय रूप से टिकाऊ न मानते हुए, सरकार ने यूपीएस को लागू करने का निर्णय लिया है, जो सरकारी खजाने पर अधिक बोझ नहीं डालेगी।





