नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारी की तस्वीर साफ करने के लिए कांग्रेस की पहली केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) की बैठक गुरुवार की शाम छह बजे दिल्ली में हो चुकी है। बैठक में लोकसभा की 100 से 125 सीटों को लेकर चर्चा हुई है। कहा जा रहा है कि दक्षिण के राज्यों के अलावा, यूपी की कुछ सीटों, राजस्थान, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड की सीटें मंथन के लिए आ सकती हैं। चर्चा है कि पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी एक बार फिर अमेठी से चुनावी मैदान में उतर सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो लगातार तीसरी बार उनका मुकाबला केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी से होगा। पिछली बार राहुल गांधी यहां से 55 हजार से ज्यादा वोटों से हारे थे। अमेठी के कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंघल ने दावा किया है कि राहुल अमेठी से उतरेंगे, राहुल अमेठी के अलावा वायनाड से भी चुनाव लड़ सकते हैं।
बैठक के बाद आज 40 नामों की लिस्ट आने की उम्मीद है। बघेल के अलावा छत्तीसगढ़ के बड़ी कांग्रेस नेता ज्योत्सना महंत कोरबा से चुनाव लड़ सकती हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर का नाम भी इस सूची में होगा। केरल की 20 सीटों में से 16 सीटों की घोषणा हो सकती है। कर्नाटक में पार्टी किसी मंत्री को चुनाव में नहीं उतारेगी। राज्य के डेप्युटी सीएम डीके शिवकुमार के भाई डीके सुरेश कुमार के नाम और चिकबल्लापुर से रक्षा रमैया के नाम की घोषणा हो सकती है। दिल्ली, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, त्रिपुरा, सिक्किम, मेघालय और लक्षद्वीप में सीटों का ऐलान हो सकता है।
चर्चा है कि प्रियंका गांधी अपनी पारिवारिक सीट रायबरेली से चुनावी मुकाबले में उतर सकती हैं। दरअसल, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राज्यसभा जाने से गांधी परिवार की यह अहम सीट खाली हुई है। चार बार से सोनिया गांधी और उनसे पहले इंदिरा गांधी, फिरोज गांधी तक यहां का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं। इसका संकेत सोनिया गांधी के राज्यसभा नामाकंन के अगले दिन रायबरेली के लोगों को लिखी एक भावुक चिठ्ठी में भी मिला था। सोनिया ने वहां के लोगों से अपील की थी कि रायबरेली के लोगों का यह प्यार और अपनापन भविष्य में भी उनके और उनके परिवार को मिलता रहेगा। अपने मां और भाई की व्यस्तताओं के चलते प्रियंका गांधी पिछले डेढ़ दशक से ज्यादा समय से रायबरेली-अमेठी की सीटों का प्रबंधन देखती रही हैं। इसलिए रायबरेली में उनकी अच्छी पकड़ है।
बीजेपी ने रायबरेली से अपने उम्मीदवारी का ऐलान नहीं किया है। माना जा रहा है कि बीजेपी कांग्रेस के फैसले पर नजर बनाए हुए है। चर्चा है कि लोकसभा में कांग्रेस अपने तमाम बड़े चेहरों को उतारने की तैयारी में हैं। इसमें कई बड़े क्षेत्रीय नेताओं के नामों की भी चर्चा है। इनमें राजस्थान के डिप्टी सीएम सचिन पायलट, छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल, पूर्व मंत्री टीएस सिंह देव से लेकर अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत, कमलनाथ के बेटे नकुल नाथ, यूपी के प्रदेशाध्यक्ष अजय राय तक के नामों की चर्चा है।





