इंदौर। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह रविवार को इंदौर में थे। नीतीश कुमार को आड़े हाथ लेते हुए उन्होंने कहा कि हमें कभी उम्मीद नहीं थी कि वे ऐसा कदम उठाएंगे। वे साफ शब्दों में कह चुके थे कि किसी हालत में मरते दम तक भाजपा के साथ नहीं जाएंगे। उन्हीं के द्वारा विपक्षी गठबंधन का प्रयास किया गया। वे संयोजक बनना ही चाहते थे तो बना देते, कोई दिक्कत नहीं थी।
उन्होंने कहा कि उन्हें आफर भी किया था, उन्होंने मना कर दिया। फिर इस तरह का कदम उठाने का क्या मतलब। वे डेढ़ वर्ष से भाजपा का सामूहिक विरोध करने की पहल कर रहे थे। यह कैसा नेता जो कहे कुछ, करे कुछ। दिग्विजय सिंह ने कहा कि अमित शाह ने भी तो कहा था कि नीतीश आना भी चाहेंगे तो नहीं लेंगे, मगर वे उनके साथ हो लिए। लोकसभा का चुनाव लड़ने का प्रश्न नहीं
लोकसभा का चुनाव लड़ने का प्रश्न नहीं राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में शनिवार को कार्यकर्ताओं की बैठक में दिग्विजय सिंह ने कहा कि मेरे लोकसभा चुनाव लड़ने का प्रश्न ही नहीं उठता है, क्योंकि मैं राज्यसभा सदस्य हूं और अभी मेरा सवा दो साल का कार्यकाल बचा हुआ है। दिग्विजय सिंह इन दिनों राजगढ़ जिले में पार्टी नेता व कार्यकर्ताओ की बैठक ले रहे हैं।
वे प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पहुंचकर पार्टीजनों से चर्चा कर रहे हैं। इसके तहत वे खिलचीपुर पहुंचे थे। पत्रकारों ने जब पूछा कि राजगढ़ से लोकसभा का उम्मीदवार कौन होगा, क्या आप? जवाएकब में सिंह ने इससे इन्कार किया।





