नई दिल्ली। तेलंगाना विधानसभा शनिवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान तीखी बहस का गवाह बनी। सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी बीआरएस के बीच सत्ता में रहने के दौरान ट्रैक रिकार्ड को लेकर जुबानी जंग छिड़ गई और उन्होंने ‘परिवारवादी शासन’ का आरोप भी लगाया।
भूख से मौतें हो रही थीं और लोग आत्महत्या कर रहे थे
बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव ने आरोप लगाया कि राज्यपाल का अभिभाषण झूठ से भरा था और ऐसा भाषण सुनना एक सदस्य के रूप में शर्मनाक है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि अविभाजित आंध्र प्रदेश में उसका शासन बंजर भूमि जैसी थी। भूख से मौतें हो रही थीं और लोग आत्महत्या कर रहे थे।
बीआरएस पर परिवारवादी शासन का आरोप लगाया
मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने कांग्रेस का बचाव करते हुए बीआरएस पर परिवारवादी शासन का आरोप लगाया। उन्होंने सिंचाई परियोजनाओं के पूरा नहीं होने, पृथक तेलंगाना के लिए अपने जीवन का बलिदान देने वालों के स्वजन की अनदेखी, प्रश्न पत्रों के लीक होने और 10 वर्षों के दौरान अन्य विफलताओं का ठीकरा बीआरएस सरकार पर फोड़ा।
कमजोर वर्ग की समस्या सुनने के लिए सरकार तैयार
मुख्यमंत्री ने कहा, हमारी सरकार ने प्रगति भवन (पूर्व सीएम केसीआर के कैंप कार्यालय-सह-आधिकारिक आवास) के लोहे का गेट तोड़ दिया। यह लोगों द्वारा चुनी गई सरकार है। पहले मंत्रियों को मुख्यमंत्री से मिलने की अनुमति नहीं थी। लेकिन, आज अल्पसंख्यक, दलित, आदिवासी, महिलाएं और कमजोर वर्ग की समस्या सुनने के लिए सरकार तैयार है।





