नई दिल्ली। हिंदी पट्टी वाले राज्यों में भाजपा की शानदार जीत का असर विपक्षी दलों के I.N.D.I.A. गठबंधन पर दिखने लगा है। लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा और नरेंद्र मोदी का सामना करने के लिए बनाए गए इस गठबंधन की अहम बैठक बुधवार को दिल्ली में होने वाली थी, जो अब टल गई है। कारण यह रहा कि ममता बनर्जी के बाद नीतीश कुमार और अखिलेश यादव ने भी बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया था।
I.N.D.I.A. गठबंधन में फूट के पीछे कांग्रेस के रुख को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। मध्य प्रदेश चुनावों में अखिलेश यादव ने कांग्रेस के पांच सीट मांगी थी, जिन्हें देने में आनाकानी की गई। इसके बाद चुनाव प्रचार के दौरान दोनों दलों के बीच खटास साफ नजर आई। अखिलेश ने जहां कांग्रेस को धोखेबाज पार्टी कहा, वहीं कमल नाथ ने भी ‘अखिलेश वखिलेश’ कहकर रही-सही कसर पूरी कर दी।
नीतीश कुमार भी कांग्रेस के रुख को लेकर अपनी नाराजगी जता चुके हैं। उन्होंने कहा था कि गठबंधन की बैठकों के लिए कांग्रेस के पास टाइम नहीं है, उसके नेता चुनाव प्रचार में लगे हैं। अब माना जा रहा है कि ये दल कांग्रेस को हाशिए पर रखना चाहते हैं। इनकी कोशिश है कि कांग्रेस पर दबाव बनाकर लोकसभा चुनाव के लिए अधिक से अधिक सीटें हासिल की जाएं।





