मध्य प्रदेश के इंदौर की मॉडल जूही राव उन महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं, जो जीवन के एक पड़ाव के बाद अपने सपनों को फिर से जीना चाहती हैं। शादी और बच्चों की जिम्मेदारियों को निभाने के बाद उन्होंने मॉडलिंग को न केवल अपना पैशन बनाया बल्कि अब इसे प्रोफेशन के रूप में आगे बढ़ा रही हैं। जूही का मानना है कि सही संतुलन और परिवार के सहयोग से हर महिला अपने सपनों को पूरा कर सकती है।
जूही राव बताती हैं कि मॉडलिंग उनके लिए सिर्फ शौक नहीं बल्कि आत्मसंतुष्टि का माध्यम भी है। शुरुआत में उन्होंने स्कूल में पढ़ाने का काम किया, लेकिन बाद में अपना पूरा ध्यान मॉडलिंग पर केंद्रित करने का निर्णय लिया। घर, परिवार और सोशल वर्क के बीच समय का संतुलन बनाना उनके लिए चुनौतीपूर्ण जरूर रहा, लेकिन उन्होंने धीरे-धीरे तीनों चीजों को मैनेज करना सीख लिया। सोशल मीडिया और बच्चों से मिली नई जानकारी ने भी उन्हें इस फील्ड में आगे बढ़ने में मदद की।
उन्होंने स्वीकार किया कि शादी के बाद और एक उम्र के बाद इस क्षेत्र में कदम रखना आसान नहीं था। शुरुआत में आत्मविश्वास की कमी और संसाधनों की दिक्कतें सामने आईं, लेकिन परिवार, खासकर पति और बच्चों के सहयोग ने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी। जूही कहती हैं कि आज मॉडलिंग में उम्र कोई बाधा नहीं रही, 40 से 60 साल तक की महिलाएं भी इस क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने अपने जैसे मॉडल्स के साथ मिलकर एक ग्रुप भी बनाया है, जो “सिस्टरहुड” की भावना के साथ एक-दूसरे को आगे बढ़ाने का काम कर रहा है।
जूही राव ने मॉडलिंग इंडस्ट्री के दूसरे पहलुओं पर भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में फाइनेंशियल फ्रॉड और फेक शो जैसी समस्याएं भी सामने आती हैं, इसलिए नए लोगों को सतर्क रहना बेहद जरूरी है। किसी भी शो या ऑफर को स्वीकार करने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल करना जरूरी है। भविष्य को लेकर जूही का लक्ष्य मिसेज इंडिया का खिताब जीतना और बड़े प्लेटफॉर्म जैसे Lakmé Fashion Week और Times Fashion Week में रैंप वॉक करना है। उनका मानना है कि मेहनत, सही दिशा और आत्मविश्वास के साथ हर सपना हासिल किया जा सकता है।





