छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा मेरा परिवार है, मुझे अन्य जिलों अनेकों बार कहा गया कि आप हमारे जिले को गोद ले लीजिये और चुनाव लड़िये जीतने की जिम्मेदारी हमारी, मैंने तो हर बार उन्हें एक ही जवाब दिया कि छिंदवाड़ा मेरा परिवार है। जिसे मैं कभी नहीं छोड़ सकता, क्योंकि छिंदवाड़ा ने मुझे कभी छोड़ा नहीं और मेरे परिवार के सदस्यों ने मुझे कभी निराश किया नहीं और आगे भी नहीं करेंगे। इसीलिये छोड़ने के बारे में तो सोचिये भी मत। मैं हमेशा एक बात कहता हूं कि मेरे जिले की जनता की सोच जैसी सोच किसी अन्य जिले में नहीं मिल सकती और विकास का यही सबसे बड़ा कारण है। उक्त उदगार मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने चौरई विधानसभा क्षेत्र में आयोजित दो जनसभाओं में व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि देश व प्रदेश की जनता ने जब स्किल इंडिया का नाम भी नहीं सुना था, तब से छिन्दवाड़ा में स्किल सेन्टर संचालित हो रहे हैं। इन सेन्टरों से प्रशिक्षण प्राप्त कर युवा निरंतर रोजगार से जुड़ रहे हैं। प्रदेश नहीं बल्कि देश में सर्वाधिक स्किल सेंटरों वाला जिला हमारा है जब यह सुनता हूं तो मेरी छाती गर्व से चौड़ी होती है। कभी लोग पूछते थे कौन सा छिंदवाड़ा आज उसी छिंदवाड़ा का नाम देश ही नहीं विदेशों में जाना जाता है और इसका सबसे बड़ा श्रेय मैं अपने जिले की जनता को देता हूं।
कमलनाथ ने कहा कि मैंने तो कभी घोषणाएं नहीं की, किन्तु जो सपना हमने देखा था उसे साकार करने के लिये मैं निरंतर कार्यरत हूं ताकि जो शेष है वह भी पूरा हो सके और मेरे जिले की आने वाली पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित हो। जनता के सहयोग से चौरई में माचागोरा जलाशय का निर्माण कराया तो आज जिले के तीन सौ से अधिक गांव में सिंचाई व पीने के लिये पानी की सप्लाई दी जा रही है। किसानों के खेतों में ठण्ड और गर्मी के दिनों की फसलों की पैदावार बढ़ गई जिससे हमारे जिले के किसान आर्थिक रूप से सम्पन्न हुये। कर्मचारियों के हितों में पहले भी अनेक फैसलें लिये और आगे भी लिये जायेंगे। मैंने तो सभी वर्गों का ध्यान रखा ताकि हमारा संसदीय क्षेत्र निरंतर उन्नति व प्रगति के पथ पर आगे बढ़ें। इसमें आप लोगों की सबसे बड़ी हिस्सेदारी है, क्योंकि आप सभी ने मिलकर जिले के विकास के लिये मुझे अवसर प्रदान किये।
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