नई दिल्ली। मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग को मिलने वाला आरक्षण ये मुस्लिम समाज को देना चाहते हैं। ये क्या बात हुई। हमारे यहां ऐसा देखने का चश्मा नहीं है। आंबेडकर ने कहा था कि धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं होना चाहिए। उस समय समाज की कमजोरी मानकर कुछ लोगों ने धर्म बदला था कि हम इस धर्म को नहीं अपनाते।
भिंड के फूफ व गोहद में आयोजित चुनावी जनसभा में सभा को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि अब आरक्षण की चाशनी लेने के लिए कांग्रेस वोट बैंक के चक्कर में अपने समाज का आरक्षण अगर मुस्लिम समाज को देंगे तो क्या आप बर्दाश्त करेंगे, फिर कांग्रेसी कहते हैं हमारे खिलाफ बोलते हैं। अरे कर्नाटक या जहां-जहां आपकी सरकार हैं, वहां आपने ऐसा किया भी है। कांच के सामने कोई व्यक्ति खड़ा हो जाए और शर्ट के ऊपर वाला बटन नीचे लग जाए तो बटन तुम्हें ही ठीक करना होगा। कांच थोड़े ही ठीक करके देगा। मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने कहा कि सभा पूर्व मंत्री इमरती देवी को लेकर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष की आपत्तिजनक बयान का मामला भी उठाया।
उन्होंने राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा कि कुछ दिन पहले पप्पूजी आपके बीच आए थे। पहले अमेठी से चुनाव लड़ा, एक बार चुनाव जीते फिर हार गए, इसके बाद केरल चले गए। अब फिर रायबरेली आ गए। इस सीट पर जीजाजी ने चुनाव लड़ने के लिए पोस्टर लगा लिए थे। लेकिन बहन की बीच में पप्पूजी घुस गए, बहन-बेटी की जगह भी नहीं छोड़ी। अपनी मां की सीट पर अब चुनाव लड़ेंगे और उनका नाम भी खत्म करेंगे। राम मंदिर के मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि ये बहुत घमंडी लोग हैं, बहुत बड़े लोग हैं। अरे घमंड तो रावण का भी टूटा था। रावण की नाभि में तीर मारना पड़ा था। इनकी नाभि में सात मई को तीर मारना है। आप अमृत रूपी बटन दबाना तीर सीधा जाकर निशाने पर लगेगा।
डा मोहन यादव ने विरासत टैक्स पर बोलते हुए कहा कि ये अमेरिका का काननू है। ये हमारे देश में कैसे चलेगा। हमारें यहां के माता-पिता अपना पेट काट-काटकर जमा पूंजी जोड़ते हैं। ये भारत का चरित्र है। अमेरिका में एक व्यक्ति 100-100 शादी करता है। बाल बच्चे किस-किस से पैदा होते हैं। हम तो सात जन्म के लिए फेरे लेते हैं। फिर ये अमेरिका का काननू क्यों लाना चाहते हैं।





